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फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का बड़ा ऐलान: 2027 में राष्ट्रपति पद छोड़ते ही राजनीति को कहेंगे अलविदा….क्या होगा अगला कदम?

निकोशिया (साइप्रस)। वैश्विक राजनीति के पटल से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि साल 2027 में अपना दूसरा कार्यकाल पूरा करने के बाद वे सक्रिय राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लेंगे। मैक्रों का यह बयान न केवल फ्रांस बल्कि पूरे यूरोपीय संघ (EU) की राजनीति में हलचल पैदा करने वाला है, क्योंकि वे आधुनिक दौर के उन विरले नेताओं में से हैं जिन्होंने इतनी कम उम्र में शिखर पर पहुंचकर पूर्ण अवकाश की बात कही है।

छात्रों के बीच किया दिल का खुलासा: “राजनीति मेरा स्थायी ठिकाना नहीं”

यूरोपियन काउंसिल की बैठक के सिलसिले में साइप्रस के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे मैक्रों ने निकोसिया के फ्रेंच-साइप्रट स्कूल में छात्रों के साथ संवाद के दौरान यह बड़ी बात कही। एक छात्र के सवाल का जवाब देते हुए मैक्रों ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मैं राष्ट्रपति बनने से पहले राजनीति में शामिल नहीं था और कार्यकाल खत्म होने के बाद भी इसमें नहीं रहूँगा।” उन्होंने अपनी बात को विस्तार देते हुए कहा कि जीवन में राजनीति के अलावा भी बहुत कुछ है और वे अब अपनी भूमिका को एक नई दिशा में देखते हैं।

9 साल के सफर की चुनौतियाँ और उपलब्धियाँ

मैक्रों ने नौ साल के अपने शासनकाल पर चर्चा करते हुए कहा कि एक नेता के लिए सबसे कठिन काम उन सुधारों को आगे ले जाना होता है जो सही हैं, लेकिन कभी-कभी अपनी ही गलतियों को सुधारने के लिए पीछे मुड़कर देखना पड़ता है। उन्होंने स्वीकार किया कि उपलब्धियों और अधूरे सुधारों के बीच संतुलन बनाए रखना उनके अंतिम कार्यकाल का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा रहा है। गौरतलब है कि मैक्रों के कार्यकाल में पेंशन सुधार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर काफी विवाद और चर्चा रही है।

2027 में क्यों खत्म हो रहा है कार्यकाल?

फ्रांसीसी संविधान के कड़े नियमों के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति लगातार दो बार से अधिक राष्ट्रपति नहीं बन सकता है।

  • 2017: मैक्रों महज 39 साल की उम्र में फ्रांस के सबसे युवा राष्ट्रपति बने।

  • 2022: उन्हें दोबारा इस पद के लिए चुना गया।

  • 2027: उनका मौजूदा और अंतिम कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।

चूंकि वे तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ सकते, इसलिए उनकी अगली भूमिका को लेकर लंबे समय से कयास लगाए जा रहे थे। अब राजनीति छोड़ने के उनके इस ऐलान ने उन सभी संभावनाओं पर विराम लगा दिया है जिनमें उनके किसी अंतरराष्ट्रीय संगठन या भविष्य में दोबारा चुनाव लड़ने की बात कही जा रही थी।

भविष्य की आहट: क्या होगा अगला कदम?

मैक्रों का यह फैसला फ्रांस में उत्तराधिकार की जंग को और तेज कर सकता है। जहाँ एक ओर उनके समर्थक इस फैसले को उनकी ‘नैतिक राजनीति’ का हिस्सा बता रहे हैं, वहीं आलोचकों का मानना है कि घटती लोकप्रियता के बीच यह एक सुरक्षित रास्ता है। 48 वर्षीय मैक्रों ने यह तो साफ कर दिया कि वे ‘पार्टी पॉलिटिक्स’ नहीं करेंगे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जलवायु परिवर्तन या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर उनकी सक्रियता बनी रह सकती है।

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