Friday , 17 April 2026

UP ATS का बड़ा एक्शन: ‘डेविल’ समेत 4 आतंकी गिरफ्तार, पाकिस्तान से मिलता था ‘लोकेशन’ और ‘टारगेट’

 

लखनऊ रेलवे स्टेशन और गैस सिलेंडर ट्रकों को उड़ाने की थी साजिश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने देश के खिलाफ रची जा रही एक खतरनाक साजिश को नाकाम कर दिया है। एटीएस ने शुक्रवार को पाकिस्तान से संचालित होने वाले एक स्लीपर सेल मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए चार कट्टरपंथी युवकों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर भारत के महत्वपूर्ण संस्थानों, रेलवे संपत्तियों और राजनीतिक हस्तियों को निशाना बनाने की तैयारी में थे। समय रहते हुई इस कार्रवाई से प्रदेश में होने वाली बड़ी तबाही टल गई है।

पाकिस्तान से मिलता था ‘लोकेशन’ और ‘टारगेट’

पकड़े गए आरोपियों के तार सीधे तौर पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान में बैठे आतंकियों से जुड़े थे। जांच में खुलासा हुआ है कि ये गिरोह टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और सिग्नल जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तानी आकाओं के संपर्क में था। पाकिस्तानी हैंडलर इन्हें गूगल लोकेशन भेजकर टारगेट तय करते थे। चौंकाने वाली बात यह है कि ये आरोपी पैसों के लालच में देश की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे थे और इन्हें ‘ओसामा बिन लादेन’ और ‘गजवा-ए-हिंद’ जैसे समूहों से जोड़कर ब्रेनवॉश किया गया था।

मेरठ का ‘डेविल’ है मास्टरमाइंड

एटीएस ने इस गिरोह के सरगना साकिब उर्फ ‘डेविल’ (25 वर्ष) को मेरठ के परीक्षितगढ़ से दबोचा है। साकिब के साथ मेरठ का ही अरबाब (20), गौतम बुद्ध नगर का विकास पहलावत उर्फ रौनक (27) और लोकेश उर्फ पपला पंडित (19) भी गिरफ्तार किए गए हैं। ये आरोपी लखनऊ, अलीगढ़ और गाजियाबाद जैसे बड़े शहरों में संवेदनशील ठिकानों की रेकी कर चुके थे। ये लोग रेलवे सिग्नल बॉक्स और गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों में आगजनी कर देश में आर्थिक अस्थिरता और भय का माहौल पैदा करना चाहते थे।

QR कोड से होता था ‘कमीशन’ का भुगतान

जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों ने कुछ जगहों पर आगजनी की छोटी वारदातों को अंजाम भी दिया था। इन वारदातों का वीडियो बनाकर वे पाकिस्तान भेजते थे, जिसके बदले में उन्हें क्यूआर (QR) कोड के माध्यम से भुगतान किया जाता था। पाकिस्तानी हैंडलर्स इन्हें धार्मिक उन्माद फैलाकर हिंसक गतिविधियों के लिए लगातार उकसा रहे थे। इनका मुख्य उद्देश्य सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब करना था।

लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तारी

एटीएस को सूचना मिली थी कि 2 अप्रैल को ये आरोपी लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले हैं। टीम ने जाल बिछाकर घेराबंदी की और चारों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से ज्वलनशील पदार्थ की केन, 7 स्मार्टफोन, आधार कार्ड और 24 आपत्तिजनक पर्चे बरामद हुए हैं। इन पर्चों में देशविरोधी बातें और साजिश का खाका तैयार किया गया था।

गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज

गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ एटीएस थाना, लखनऊ में विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। एटीएस अब इन आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनके नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और यूपी के अलावा अन्य राज्यों में इनके क्या प्लान थे। इस कार्रवाई को यूपी पुलिस की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

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