Sunday , 19 April 2026

शंकराचार्य अपमान विवाद: इस्तीफा देने वाले बरेली सिटी मजिस्ट्रेट हाउस अरेस्ट, फोन सर्विलांस पर…जानें अब तक क्या-क्या हुआ !

32b8fb56cad9be46b8498e90b8017066

Voiceofindia,Digital Deskबरेली: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कथित अपमान से आहत होकर अपने पद से इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का मामला अब एक नया और सनसनीखेज मोड़ ले चुका है। इस्तीफा देने के बाद सरकार द्वारा निलंबित किए गए इस पीसीएस अधिकारी ने अब खुद को सरकारी आवास में ‘हाउस अरेस्ट’ किए जाने का आरोप लगाया है, जिसके बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

आधी रात को कहीं और ले जाने का डर

निलंबित अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अपने सरकारी आवास के गेट के अंदर से ही मीडिया से बात करते हुए जो आरोप लगाए हैं, वे बेहद गंभीर हैं। उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए आशंका जताई है कि उन्हें रात के अंधेरे में किसी अज्ञात जगह पर ले जाया जा सकता है। अग्निहोत्री ने दावा किया, “मुझे विश्वसनीय सूत्रों और कुछ सवर्ण अधिकारियों से पता चला है कि रात 3 बजे के बाद मुझे कहीं और शिफ्ट करने की साजिश रची जा रही है।”

मेरा फोन टैप हो रहा है…

अग्निहोत्री यहीं नहीं रुके। उन्होंने सीधे-सीधे शासन पर पैनी नजर रखने और जासूसी करवाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मेरे साथ कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है। मेरा फोन और मेरे संपर्क में रहने वाले अन्य अधिकारियों के नंबर भी सर्विलांस पर लगा दिए गए हैं।” स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने बताया कि खुद को कानूनी रूप से सुरक्षित करने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकीलों से संपर्क साधा है।

क्यों दिया था इस्तीफा?

यह पूरा विवाद सोमवार को तब शुरू हुआ जब सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के पीछे उन्होंने दो मुख्य वजहें बताई थीं। पहली, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों का विरोध, जिसे उन्होंने “काला कानून” करार दिया। और दूसरी, प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के साथ हुई कथित बदसलूकी, जिसने उन्हें गहरा आघात पहुँचाया।

इस्तीफे के बदले मिला निलंबन और जांच

उत्तर प्रदेश सरकार ने हालांकि अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया। इसके बजाय, उन पर अनुशासनहीनता के गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही, उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं और उन्हें शामली से संबद्ध कर दिया गया है। 

 

Check Also

नोएडा हिंसा मामले में यूपी STF का बड़ा एक्शन : 1 लाख का इनामी मास्टरमाइंड आदित्य आनंद तमिलनाडु से गिरफ्तार, हुलिया बदलकर काट रहा था फरारी

नोएडा/लखनऊ। नोएडा में पिछले दिनों हुए मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन और औद्योगिक अशांति के मामले …