Saturday , 2 May 2026

बांदा के ‘हैवान’ जेई और उसकी पत्नी को सजा-ए-मौत…. बच्चों का यौन शोषण कर पोर्न वीडियो विदेशों में बेचने वाले दंपति को. …

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बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से एक ऐतिहासिक और रोंगटे खड़े कर देने वाला अदालती फैसला सामने आया है। बच्चों का यौन शोषण करने, उनके अश्लील वीडियो बनाने और फिर उन्हें डार्क वेब के जरिए विदेशों में बेचने वाले सिंचाई विभाग के पूर्व अवर अभियंता (JE) रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत ने इस कृत्य को ‘जघन्यतम’ करार देते हुए दोनों को मृत्यु होने तक फंदे पर लटकाने का आदेश दिया है।

इंटरपोल की इनपुट पर CBI ने किया था बेनकाब

इस काले कारोबार का खुलासा साल 2020 में तब हुआ था जब इंटरपोल ने भारत सरकार को बच्चों से जुड़े ऑनलाइन यौन शोषण की जानकारी दी थी। जांच के तार चित्रकूट में तैनात सिंचाई विभाग के जेई रामभवन से जुड़े। सीबीआई ने अक्टूबर 2020 में दिल्ली में मुकदमा दर्ज किया और 18 नवंबर 2020 को रामभवन को उसके पैतृक गांव खरौंच (नरैनी) से गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि जेई की पत्नी दुर्गावती भी इन घिनौने अपराधों में बराबर की साझीदार थी, जिसके बाद उसे भी जेल भेजा गया।

34 मासूमों की चीख और एम्स का मेडिकल परीक्षण

सीबीआई की जांच में कुल 34 बच्चों के यौन शोषण की पुष्टि हुई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी पीड़ित बच्चों का नई दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS) में मेडिकल परीक्षण कराया गया था। विवेचक डिप्टी एसपी अमित कुमार ने गहन जांच के बाद साक्ष्य जुटाए। अभियोजन पक्ष ने पैरवी के दौरान कुल 74 गवाह पेश किए। सीबीआई के वकील धारा सिंह और स्थानीय लोक अभियोजक कमल सिंह गौतम की प्रभावी दलीलों ने इस ‘सीरियल चाइल्ड एब्यूजर’ के गुनाहों को अदालत में साबित कर दिया।

कोर्ट का सख्त रुख: फांसी के साथ भारी जुर्माना और मुआवजा

विशेष अदालत ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाते हुए न केवल फांसी की सजा दी, बल्कि आर्थिक दंड भी निर्धारित किया:

  • जुर्माना: दोषी दंपति पर अलग-अलग 6 लाख 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

  • मुआवजा: अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वे आपसी समन्वय से प्रत्येक पीड़ित बच्चे को 10-10 लाख रुपये बतौर मुआवजा प्रदान करें।

    अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसे लोग समाज के लिए कलंक हैं और इनके लिए मृत्युदंड से कम कुछ भी न्यायोचित नहीं है।

जेई की हैवानियत का ‘इंटरनेशनल नेटवर्क’

जांच में खुलासा हुआ था कि रामभवन पिछले कई वर्षों से निर्दोष बच्चों को अपने चंगुल में फंसा रहा था। वह न केवल बच्चों के साथ कुकृत्य करता था, बल्कि मोबाइल और कैमरों के जरिए उनके वीडियो बनाकर अंतरराष्ट्रीय वेबसाइटों पर ऊंचे दामों पर बेचता था। वह खुद को बच्चों का दोस्त बताकर उन्हें लालच देता और फिर उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें हैवानियत का शिकार बनाता था।

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