दक्षिण 24 परगना। पश्चिम बंगाल में 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले सियासी पारा उबल रहा है। एक तरफ आज (2 मई) दक्षिण 24 परगना के 15 बूथों पर दोबारा मतदान (Re-polling) चल रहा है, तो दूसरी तरफ फाल्टा विधानसभा क्षेत्र जंग का मैदान बन गया है। टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान के इस गढ़ में आज सुबह से ही भारी हंगामा और विरोध प्रदर्शन जारी है। स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिलाओं ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर जान से मारने और घर जलाने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
“जीत गए तो खून-खराबा करेंगे”: फाल्टा की महिलाओं का छलका दर्द
फाल्टा की सड़कों पर उतरी महिलाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। एक स्थानीय महिला ने कैमरे के सामने आरोप लगाया, “टीएमसी के इसराफिल चौकीदार ने हमें खुलेआम धमकी दी है कि अगर उनकी पार्टी जीत गई, तो वे हमारे घर जला देंगे और खून-खराबा करेंगे।” चौंकाने वाली बात यह है कि प्रदर्शनकारी महिलाओं में वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने खुद को टीएमसी का वोटर बताया। उनका कहना है कि वोट देने के बावजूद उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। आक्रोशित भीड़ अब आरोपी की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग को लेकर अड़ी है।
#WATCH | West Bengal Elections 2026 | South 24 Parganas: Locals have a heated argument with security personnel in Falta area. They are alleging that TMC leaders are threatening them. pic.twitter.com/tZkariNAwo
— ANI (@ANI) May 2, 2026
ईवीएम के ‘कमल’ बटन पर टेप: बीजेपी का धांधली का बड़ा आरोप
फाल्टा में बवाल की जड़ केवल धमकी नहीं, बल्कि चुनाव के दिन हुई कथित धांधली भी है। बीजेपी का आरोप है कि मतदान के दिन कई बूथों पर EVM के कमल के फूल वाले बटन पर टेप चिपका दिया गया था ताकि मतदाता बीजेपी को वोट न दे सकें। सोशल मीडिया पर इससे जुड़े वीडियो वायरल होने के बाद विपक्ष हमलावर है। नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने मोर्चा खोलते हुए कहा कि फाल्टा के कम से कम 60 बूथों पर दोबारा चुनाव होना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सिर्फ 15 बूथों पर री-पोलिंग काफी नहीं है।
भारी पुलिस बल तैनात, एडिशनल SP बोले- स्थिति काबू में
फाल्टा में बढ़ते तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। एडिशनल SP ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। कुछ लोगों को धमकाने की शिकायत मिली है और इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। हम ग्रामीणों की मांगों पर गौर कर रहे हैं।” हालांकि, इलाके में अभी भी डर और तनाव का माहौल बना हुआ है।
क्या फाल्टा में भी होगी री-पोलिंग? चुनाव आयोग पर टिकी नजरें
गौरतलब है कि 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के दौरान सबसे ज्यादा 32 शिकायतें अकेले फाल्टा से मिली थीं। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी फाल्टा पर फैसला न आने पर सवाल उठाए हैं। सूत्रों की मानें तो फाल्टा में बड़े पैमाने पर हुई शिकायतों और आज के हंगामे को देखते हुए चुनाव आयोग आज शाम तक यहां भी दोबारा मतदान का बड़ा फैसला ले सकता है। 4 मई की मतगणना से पहले फाल्टा का यह बवाल बंगाल की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है।
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