Thursday , 28 May 2026

Assam Voter List: असम की नई वोटर लिस्ट से 2.43 लाख नाम साफ, मुस्लिम बहुल इलाकों में बढ़े मतदाता….पढ़ें पूरी लिस्ट

168568 form7

गुवाहाटी: असम में विशेष पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद मंगलवार को अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) जारी कर दी गई है। इस नई लिस्ट के सामने आते ही राज्य की सियासत में भूचाल आ गया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मसौदा सूची की तुलना में अंतिम सूची से कुल 2.43 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। यह बड़ी कटौती राज्य के कुल मतदाताओं का लगभग 0.97 प्रतिशत है।

24 जिलों में घटे मतदाता, मुस्लिम बहुल इलाकों में दिखा अलग ट्रेंड

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों का विश्लेषण एक दिलचस्प और चौंकाने वाला जनसांख्यिकीय पैटर्न पेश करता है। असम के 35 जिलों में से 24 जिलों में मतदाताओं की संख्या कम हुई है, जबकि 11 जिलों में इजाफा हुआ है।

खास बात: राज्य के अधिकांश मुस्लिम बहुल जिलों में मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके ठीक उलट, तीन पहाड़ी आदिवासी जिलों और बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (BTR) के पांच जिलों में मतदाताओं की संख्या में भारी गिरावट आई है। यहां तक कि राजधानी गुवाहाटी वाले कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) जिले में भी वोटर्स कम हुए हैं।

CM हिमंत बिस्वा सरमा का कड़ा रुख: ‘संदिग्धों की खैर नहीं’

इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक बड़ी शुद्धि प्रक्रिया बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह तो केवल शुरुआत है। आने वाले समय में विशेष पुनरीक्षण के दौरान और भी संदिग्ध मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए जाएंगे।” उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं की पीठ थपथपाते हुए कहा कि तमाम धमकियों के बावजूद उन्होंने संदिग्ध नामों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराईं, जिसका नतीजा आज सबके सामने है।

खुद मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र ‘जलुकबाड़ी’ में कटे 4 हजार नाम

हैरानी की बात यह है कि स्वयं मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र जलुकबाड़ी में भी वोटर्स की संख्या में बड़ी कमी आई है। जलुकबाड़ी, जहां से हिमंत बिस्वा सरमा पांच बार विधायक रहे हैं, वहां करीब 4,310 नाम हटा दिए गए हैं।

  • दिसंबर की स्थिति: 2,10,624 मतदाता

  • अब की स्थिति: 2,06,314 मतदाता

    यहां कुल 2.05% नाम हटाए गए हैं, जिनमें 2,754 पुरुष और 1,555 महिलाएं शामिल हैं। दिलचस्प आंकड़े यह भी हैं कि इस क्षेत्र में अब पुरुष मतदाताओं (97,653) के मुकाबले महिला मतदाताओं (1,08,654) की संख्या अधिक है।

चुनाव आयोग की सफाई

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों ने एक पारदर्शी और त्रुटि मुक्त वोटर लिस्ट सुनिश्चित करने के लिए गहन जांच की है। उन्होंने तर्क दिया कि जब भी किसी राज्य में ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) होता है, तो अक्सर इसी तरह के आंकड़े सामने आते हैं। हालांकि, आदिवासी क्षेत्रों में घटते वोटर्स और मुस्लिम बहुल इलाकों में बढ़ते आंकड़ों का यह असंतुलन आने वाले चुनाव में एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है।

Check Also

IPL 2026 Eliminator SRH vs RR: वैभव सूर्यवंशी के तूफान में उड़ी सनराइजर्स हैदराबाद, राजस्थान रॉयल्स ने 47 रनों से रौंदकर क्वालिफायर-2 में मारी एंट्री

न्यू चंडीगढ़: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के नॉकआउट स्टेज का रोमांच अपने चरम पर …