Sunday , 26 July 2026

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर: ‘पुल-पावर प्लांट’ तबाह करने की ट्रंप की धमकी, ईरान बोला- ‘जवाब में पूरे क्षेत्र के ऊर्जा ढाँचे उड़ा देंगे’

नई दिल्ली।   मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध जैसे हालात अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले किसी भी जहाज पर हमला किया, तो अमेरिका ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा। इसके जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी हितों से जुड़े ऊर्जा प्रतिष्ठानों को तबाह करने की धमकी दे दी है।

‘एक जहाज पर हमला, तो एक पुल या पावर प्लांट तबाह’: ट्रंप का कड़ा अल्टीमेटम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए चेतावनी दी कि यदि ईरान ने होर्मुज में किसी भी समुद्री जहाज पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य हथियार से हमला किया, तो अमेरिका इसके जवाब में ईरान के एक पुल या पावर प्लांट को पूरी तरह तबाह कर देगा। ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका के निशाने पर तेहरान के आसपास और शहर के भीतर स्थित रणनीतिक ठिकाने भी शामिल हो सकते हैं।

ईरान का पलटवार: ‘ट्रंप का यह जुआ उन्हीं के लिए शर्मिंदगी बनेगा’

ट्रंप की इस धमकी पर ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि अगर अमेरिका ने उनके देश के किसी भी इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुँचाया, तो ईरान जवाबी कार्रवाई में पूरे क्षेत्र के बुनियादी ढाँचे और उन सभी ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाएगा जहाँ अमेरिका के व्यावसायिक और रणनीतिक हित जुड़े हैं। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि पिछले दस दिनों की घटनाओं से अमेरिका को समझ जाना चाहिए कि ईरान कहीं भी हमला करने में सक्षम है और ट्रंप का यह “जुआ” उनके लिए भारी पड़ेगा।

शांति समझौता टूटा, हमलों और पलटवार का दौर जारी

गौरतलब है कि जून के अंत में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम को लेकर एक शुरुआती समझौता हुआ था, लेकिन यह ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सका। एक अमेरिकी ड्रोन हमले और उसके बाद होर्मुज में एक कार्गो शिप पर हुए ईरानी हमले ने दोनों देशों को फिर से आमने-सामने खड़ा कर दिया। हालिया घटनाक्रम में अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के जवाब में तेहरान की वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय हो गई। इस बीच, ईरान ने इजरायल सीमा के पास जॉर्डन के एक शहर पर मिसाइल दागी, जिसके बाद बहरीन और सऊदी अरब में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

मार्को रुबियो बोले- ‘बातचीत को लेकर गंभीर नहीं है ईरान’

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फिलीपींस में आयोजित आसियान सम्मेलन के दौरान होर्मुज में ईरान की कार्रवाइयों की सख्त निंदा की। उन्होंने कहा कि ईरान इस समय किसी भी कूटनीतिक बातचीत को लेकर गंभीर दिखाई नहीं दे रहा है। दूसरी ओर, ईरान ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता से पीछे नहीं हटेगा और इस समुद्री मार्ग पर अपना पूर्ण नियंत्रण बनाए रखेगा।

वैश्विक तेल आपूर्ति पर गहरा सकता है संकट

रक्षा और आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह टकराव यूँ ही बढ़ता रहा तो इसका असर सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति लाइनों में से एक है, जहाँ से वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस इलाके में सैन्य संघर्ष बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू सकती हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका बेहद बुरा असर पड़ सकता है।

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