मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में गहराते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल का सीधा असर अब आम आदमी की जेब और रसोई पर दिखने लगा है। देश में बढ़ती महंगाई की आग अब सुबह के नाश्ते की टेबल तक पहुंच चुकी है। पेट्रोल, डीजल और दूध के दामों में आई भारी तेजी के बाद अब ब्रेड की कीमतों में भी बड़ा उछाल आया है। कई प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों ने ब्रेड के अलग-अलग पैकेट्स के दामों में 5 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है, जिससे मध्यम और निम्न वर्गीय परिवारों के घर का मासिक बजट पूरी तरह से गड़बड़ाने की आशंका पैदा हो गई है।
मॉडर्न ब्रेड ने बढ़ाए दाम; ब्रिटानिया और विब्स भी जल्द कर सकती हैं कीमतों में इजाफा
देश के महानगरों और विशेषकर मुंबई व उसके आसपास के बाजारों में ब्रेड सप्लाई करने वाली सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार ‘मॉडर्न ब्रेड’ (Modern Bread) ने अपने उत्पादों की कीमतों में 2 रुपये से लेकर 5 रुपये तक की वृद्धि की घोषणा की है। कंपनी प्रबंधन के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे माल की कमी, इंपोर्टेड पैकेजिंग मटेरियल (आयातित पैकिंग सामग्री) का महंगा होना, परिवहन (ट्रांसपोर्ट) खर्च में बढ़ोतरी और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के कमजोर होने की वजह से यह कड़ा फैसला लेना पड़ा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मॉडर्न ब्रेड के इस कदम के बाद अब ब्रिटानिया (Britannia) और विब्स (Wibs) जैसी अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियां भी बहुत जल्द अपने रेट बढ़ा सकती हैं।
ब्रेड की नई रेट लिस्ट: जानिए अब जेब पर कितना बढ़ेगा बोझ
दामों में हुई इस बढ़ोतरी के बाद 400 ग्राम वाले सैंडविच ब्रेड के पैकेट की कीमत 40 रुपये से बढ़कर अब 45 रुपये हो गई है। इसी तरह स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों की पहली पसंद माने जाने वाले होल व्हीट (आटा) ब्रेड के दाम 55 रुपये से सीधे 60 रुपये और मल्टीग्रेन ब्रेड के दाम 60 रुपये से बढ़कर 65 रुपये प्रति पैकेट पहुंच गए हैं। इसके अलावा ब्राउन ब्रेड का पैकेट अब 45 रुपये के बजाय 50 रुपये में मिलेगा। छोटे साइज के व्हाइट ब्रेड पैकेट की कीमत 20 रुपये से बढ़ाकर 22 रुपये और छोटा ब्राउन ब्रेड पैकेट 28 रुपये से बढ़ाकर 30 रुपये का कर दिया गया है।
14 मई को अमूल और मदर डेयरी ने भी दिया था महंगाई का झटका
ब्रेड के दाम बढ़ने से ठीक पहले देश की प्रमुख डेयरी कंपनियों ने भी उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दिया था। बीते 14 मई को ही देश के शीर्ष डेयरी ब्रांड अमूल (Amul) और मदर डेयरी (Mother Dairy) ने दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। कंपनियों ने तर्क दिया था कि पशुपालकों और किसानों से कच्चा दूध खरीदने की लागत (प्रोक्योरमेंट कॉस्ट) में लगातार वृद्धि हो रही है, साथ ही चारे की बढ़ती कीमतों और लॉजिस्टिक्स खर्च के कारण दूध के दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गया था।
हफ्ते में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से बढ़ी चौतरफा महंगाई
ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतें इस चौतरफा महंगाई की सबसे बड़ी वजह बनकर सामने आ रही हैं। मंगलवार (19 मई) को तेल कंपनियों ने इस हफ्ते में दूसरी बार पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की है। आज पेट्रोल की कीमतों में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 91 पैसे प्रति लीटर का इजाफा दर्ज किया गया। इससे पहले शुक्रवार (15 मई) को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दामों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की थी। डीजल महंगा होने के कारण देश के भीतर माल ढुलाई और ट्रांसपोर्टेशन चार्ज काफी बढ़ गया है, जिसके चलते फल, सब्जी, दूध और ब्रेड जैसी रोजमर्रा की हर जरूरी चीज आम जनता की पहुंच से दूर होती जा रही है।
voice of india
