Wednesday , 8 July 2026

हैवानियत : शादी का सच पता चलने पर प्रेमी ने प्रेमिका को जिंदा जलाया, ‘खौफनाक धमकी के डर से मां-बेटी ने साध ली थी चुप्पी, मौत के बाद खुला राज

गुरुग्राम। दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 35 वर्षीय शादीशुदा शख्स ने अपनी 23 साल की प्रेमिका के साथ मामूली कहासुनी के बाद उसे जिंदा जलाकर मौत के घाट उतार दिया। मृतका को इस बात की भनक लग गई थी कि उसका प्रेमी पहले से शादीशुदा है। इसी सच को जानने और उसका विरोध करने की खौफनाक सजा युवती को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। मृतका के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।

सोना खरीदने की दुकान से शुरू हुआ विवाद

पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस खौफनाक वारदात का सिलसिला 18 जून से शुरू हुआ था। गुरुग्राम के बसई गांव की रहने वाली 23 वर्षीय दिव्या कटारिया 18 जून को अपने प्रेमी सुनील कुमार उर्फ नोनी (35 वर्ष) की सोना खरीदने वाली दुकान पर गई थी। सुनील मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले के गुभाना गांव का रहने वाला है। दिव्या को हाल ही में पता चला था कि सुनील पहले से विवाहित है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच दुकान पर ही तीखी बहस शुरू हो गई। गुस्से में आगबबूला हुए सुनील ने बहस के दौरान ही दिव्या के ऊपर केरोसिन (मिट्टी का तेल) छिड़क दिया।

सेंट्रल पार्क के फ्लैट में सुलह की कोशिश और फिर खूनी अंजाम

दुकान पर हुए इस खतरनाक विवाद को सुलझाने और शांति से बातचीत करने के लिए दिव्या कटारिया ने सोहना रोड पर स्थित ‘सेंट्रल पार्क’ (Central Park) सोसाइटी में एक फ्लैट बुक किया था। दोनों विवाद को खत्म करने के इरादे से उस फ्लैट में रात भर रुके भी थे। लेकिन 19 जून की सुबह दोनों के बीच एक बार फिर उसी बात को लेकर भारी विवाद हो गया। गुस्से में अंधा होकर सुनील कुमार ने दिव्या को आग के हवाले कर दिया। दिव्या को लपटों में तड़पता देख जब सुनील घबरा गया, तो वह खुद ही उसे गंभीर हालत में गुरुग्राम के आर्टेमिस हॉस्पिटल लेकर पहुंचा।

धमकी के डर से मां-बेटी ने साध ली थी चुप्पी, हादसे का दिया रूप

19 जून को आर्टेमिस हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से पुलिस को गंभीर रूप से झुलसी युवती के दाखिल होने की सूचना मिली। शुरुआती इलाज के बाद दिव्या की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया। जब गुरुग्राम पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल जाकर दिव्या और उसकी मां के बयान लेने की कोशिश की, तो दोनों ने लिखित में दे दिया कि वे इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहती हैं। पुलिस को शुरुआत में यह एक घरेलू हादसा लगा, लेकिन असल में इसके पीछे सुनील की खौफनाक धमकी का खौफ छिपा था।

रिश्तेदार के सामने तोड़ा दम, बयां की पूरी दास्तां

अस्पताल के बेड पर मौत से जूझ रही दिव्या ने 22 जून को अपने एक रिश्तेदार विकास को बुलाकर पूरी सच्चाई बयां कर दी। उसने रुंधे गले से बताया कि सुनील ने ही उसे जिंदा जलाया है और धमकी दी है कि अगर उसने पुलिस के सामने मुंह खोला तो वह उसकी मां और बहन की बेरहमी से हत्या कर देगा। इसी डर की वजह से मां-बेटी चुप थीं। सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए आखिरकार 27 जून को दिव्या ने दम तोड़ दिया। दिव्या की मौत के बाद रिश्तेदार विकास ने हिम्मत दिखाई और 30 जून को सेक्टर-9ए थाने में सुनील के खिलाफ हत्या की लिखित शिकायत दर्ज कराई।

आरोपी सुनील पुलिस की कस्टडी में, 2 दिन की रिमांड पर पूछताछ जारी

विकास की शिकायत मिलते ही सेक्टर-9ए थाने की पुलिस टीम ने तत्परता दिखाई और मुख्य आरोपी सुनील कुमार उर्फ नोनी को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेज दिया गया है। गुरुग्राम पुलिस अब रिमांड अवधि के दौरान सोहना रोड स्थित फ्लैट और आरोपी की दुकान से फॉरेंसिक सबूत जुटाने के साथ ही इस बात की गहन जांच कर रही है कि क्या इस वारदात को अंजाम देने या साक्ष्यों को छुपाने में किसी और बाहरी व्यक्ति ने भी सुनील की मदद की थी।

Check Also

‘अब तुम्हें विदा करना होगा..’ बहन अंशुला की शादी पर भावुक हुए अर्जुन कपूर, मंडप में मां की तस्वीर देख रो पड़े फैंस

बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर अपनी लाडली बहन अंशुला कपूर की शादी के बाद बेहद भावुक …