कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर के किदवई नगर इलाके में रविवार तड़के एक ऐसी सनसनीखेज वारदात हुई, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया। एक सनकी पिता ने अपनी ही दो मासूम जुड़वां बेटियों की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पिता घंटों तक अपनी बेटियों की लहूलुहान लाशों के पास बैठा रहा और फिर खुद ही पुलिस को फोन कर अपने गुनाह को कबूल किया। पुलिस ने जब घर का दरवाजा खटखटाया, तब जाकर बगल के कमरे में सो रही मां को अपनी कोख उजड़ने की भनक लगी।
सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कत्ल का खौफनाक मंजर
पुलिस की शुरुआती जांच और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने पर रोंगटे खड़े कर देने वाले तथ्य सामने आए हैं। फुटेज में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब 2:30 बजे आरोपी शशिरंजन मिश्रा अपनी एक बेटी को वॉशरूम ले जाते और वापस लाते दिख रहा है। माना जा रहा है कि इसके ठीक बाद उसने इस जघन्य कांड को अंजाम दिया। सुबह करीब 4:30 बजे उसने डायल 112 पर कॉल कर बताया, “मैंने अपनी बेटियों को मार डाला है, आकर मुझे पकड़ लो।” फोरेंसिक टीम के मुताबिक, बिस्तर पूरी तरह साफ था जबकि फर्श खून से लथपथ था, जिससे अंदेशा है कि बच्चियों का मुंह दबाकर उन्हें मौत के घाट उतारा गया।
पत्नी के चरित्र पर शक और बेडरूम तक में
पेशे से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव शशिरंजन मिश्रा और उसकी पत्नी रेशमा का 13 साल पुराना प्रेम संबंध था। साल 2014 में प्रेम विवाह करने के बावजूद शशिरंजन अपनी पत्नी के चरित्र पर बुरी तरह शक करता था। शक की बीमारी इस कदर हावी थी कि उसने घर के किचन से लेकर पत्नी के बेडरूम तक में सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे थे। दोनों एक ही छत के नीचे रहते थे, लेकिन उनके बीच गहरी खाई थी। आरोपी ने खुद को अवसाद (डिप्रेशन) का शिकार बताया है और वह नींद की गोलियों का आदी हो चुका था।
“बेटियों को साथ लेकर मरूंगा…” अक्सर देता था ऐसी धमकी
रोती-बिलखती पत्नी रेशमा ने बताया कि शशिरंजन अपनी 11 वर्षीय जुड़वां बेटियों रिद्धी और सिद्धी से बहुत प्यार करता था, लेकिन उसका प्यार सनक में बदल चुका था। वह अक्सर कहता था कि उसकी मां की मौत के बाद अब उसका दुनिया में मन नहीं लगता और वह बेटियों के साथ जान दे देगा। रेशमा को उसने बेटियों से दूर कर दिया था और वह केवल अपने 6 साल के बेटे गुन्नू के साथ रह सकती थी। रेशमा ने पुलिस से गुहार लगाई है कि उसकी दुनिया उजाड़ने वाले पति को मौके पर ही फांसी दे दी जाए।
शांति से किया था डिनर, किसे पता था सुबह नहीं उठेंगी लाडलियां
शनिवार की रात घर में सब कुछ सामान्य था। पूरे परिवार ने एक साथ बैठकर खाना खाया। इसके बाद शशिरंजन दोनों बेटियों को लेकर अपने कमरे में चला गया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। रेशमा को जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस पिता पर बेटियां सबसे ज्यादा भरोसा करती हैं, वही उनकी जान का दुश्मन बन जाएगा। फिलहाल पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि क्या बच्चियों को मारने से पहले कोई नशीला पदार्थ दिया गया था।
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