Saturday , 16 May 2026

ग्रेटर नोएडा में आधी रात को तांडव: शाहबेरी फर्नीचर मार्केट में लगी भीषण आग, 30 दमकल गाड़ियों ने एक घंटे में पाया काबू

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से एक बेहद डरावनी खबर सामने आई है। बिसरख थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मशहूर शाहबेरी फर्नीचर मार्केट में देर रात अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की ऊंची-ऊंची लपटों और धुएं के गुबार ने आसमान को घेर लिया और आसपास की कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। बाजार में आग लगते ही मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर दौड़ीं और युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

गनीमत यह रही कि इस दर्दनाक हादसे में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई है, यानी किसी की जान नहीं गई। लेकिन आग का तांडव इतना भयानक था कि कई दुकानदारों का लाखों-करोड़ों का सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। शुरुआती तफ्तीश में इस भीषण अग्निकांड की वजह शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है।

प्लास्टिक की दुकान से भड़की चिंगारी, देखते ही देखते बन गया आग का गोला

मिली जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत सबसे पहले मार्केट में स्थित प्लास्टिक के फर्नीचर की एक दुकान से हुई थी। दुकान के अंदर भारी मात्रा में प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्रियां मौजूद थीं, जिसके चलते मामूली सी चिंगारी ने तुरंत विकराल रूप धारण कर लिया। चूंकि यह पूरा इलाका फर्नीचर मार्केट है, इसलिए आसपास की दुकानों में रखी सूखी लकड़ी, प्लाईवुड, प्लास्टिक और केमिकल वाले सोफे-गद्दों ने आग में घी का काम किया। नतीजा यह हुआ कि कुछ ही मिनटों में आग ने रौद्र रूप ले लिया और एक के बाद एक दुकानों को निगलना शुरू कर दिया।

रात सवा दस बजे बजी खतरे की घंटी, गाजियाबाद से भी बुलानी पड़ीं गाड़ियां

मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) प्रदीप कुमार चौबे ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि फायर विभाग को रात के करीब 10:15 बजे शाहबेरी मार्केट में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही स्थानीय दमकल कर्मी गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन आग इतनी फैल चुकी थी कि उस पर काबू पाना आसान नहीं था। हालात बेकाबू होते देख जिले के अलग-अलग फायर स्टेशनों से और बल मंगाया गया। इतना ही नहीं, आग की भयावहता को देखते हुए पड़ोसी जिले गाजियाबाद से भी तुरंत अतिरिक्त दमकल गाड़ियों को मदद के लिए बुलाना पड़ा।

30 दमकल गाड़ियां और 6 टीमों का ‘महा-ऑपरेशन’, एक घंटे में पलटा पासा

इस भयंकर आग पर फतह पाने के लिए दमकल विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। मौके पर कुल 30 दमकल गाड़ियों और 6 विशेष टीमों को तैनात किया गया, जिन्होंने चारों तरफ से मोर्चा संभालकर आग पर पानी की बौछारें शुरू कीं। दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बेहद सूझबूझ और कड़ी मशक्कत के साथ काम किया। जांबाज फायर फाइटर्स की बदौलत एक घंटे से भी कम समय के भीतर इस खौफनाक आग को चारों तरफ से घेरकर पूरी तरह से बुझा दिया गया।

8 दुकानें जलकर खाक, दमकल कर्मियों ने बचा लीं 20 जिंदगियां और दुकानें

सीएफओ प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि इस हादसे में कुल 8 दुकानें पूरी तरह आग की चपेट में आ गईं और उनमें रखा सामान बर्बाद हो गया। हालांकि, फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी के कारण एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया। दमकल कर्मियों ने समय रहते आग को आगे बढ़ने से रोक दिया और पास ही मौजूद 15 से 20 दुकानों को सुरक्षित बचा लिया। अगर थोड़ी सी भी देरी होती, तो पूरा शाहबेरी फर्नीचर मार्केट जलकर स्वाहा हो सकता था और नुकसान का अंदाजा लगाना भी मुश्किल होता।

क्या शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ पूरा हादसा?

हादसे के कारणों को लेकर पुलिस और फायर विभाग की शुरुआती जांच में जो बात सामने आई है, उसके मुताबिक आग लगने की मुख्य वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट होना माना जा रहा है। हालांकि, सच्चाई क्या है, इसका पता लगाने के लिए फायर विभाग और स्थानीय पुलिस की टीमें बारीकी से पूरे मामले की जांच कर रही हैं। इसके साथ ही पीड़ित दुकानदारों को हुए आर्थिक नुकसान का सटीक आंकलन भी किया जा रहा है।

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