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कितने तरह के होते हैं परमाणु बम? डर्टी से लेकर थर्मोन्यूक्लियर तक… जानें इनमें क्या होता है अंतर

-फिशन, थर्मोन्यूक्लियर, न्यूट्रॉन और डर्टी बम मचा सकते हैं तबाही

नई दिल्ली । परमाणु बम दुनिया का सबसे खतरनाक हथियार है। ये एक झटके में लाखों लोगों को मौत की नींद सुला सकता है। शहरों को मिट्टी के ढेर में बदल सकता है। परमाणु बम शब्द से आमतौर पर फिशन बम को समझा जाता है, लेकिन असल में न्यूक्लियर हथियार कई प्रकार के होते हैं। फिशन, थर्मोन्यूक्लियर, न्यूट्रॉन और डर्टी बम–ये इसके चार मुख्य प्रकार हैं, लेकिन उप-प्रकारों समेत 6-7 हो जाते हैं। हर बम की विशेषताएं है।

फिशन बम– बुनियादी एटॉमिक बम यह यूरेनियम-235 या प्लूटोनियम-239 जैसे भारी परमाणु। इसका डिज़ाइन दो हिस्सों को जोर से टकराकर चेन रिएक्शन शुरू किया जाता है। जैसे दो गेंदें आपस में टकराकर फट जाएं। इसके दो मुख्य प्रकार हैं- गन-टाइप (यूरेनियम के लिए) और इम्प्लोजन-टाइप (प्लूटोनियम के लिए) है।

इसका आकार छोटा, 3-5 मीटर लंबा, वजन 4-5 टन होता है। इसकी ताकत 10-20 किलोटन टीएनटी के बराबर होती है। एक किलोटन मतलब 1000 टन बारूद जितना धमाका किया जा सकता है जिससे 1-2 किमी दायरे में सब कुछ खत्म। तापमान 10 हजार डिग्री सेल्सियस होता है जिससे स्टील भी पिघल जाता है। 5 किमी दूर तक आग लगती है, भूकंप जैसा झटका लगता है। इससे तुरंत ही 70 हजार लोग मर सकते हैं, बाकी कैंसर जैसी बीमारी से सालों तक पीड़ित हो सकते हैं। हिरोशिमा में 1.40 लाख मौतें हुईं। यह बम छोटे शहर को तबाह कर देता है। हिरोशिमा और नागासाकी पुराना और सरल न्यूक्लियर बम है। इसे एटॉमिक बम कहते हैं।

थर्मोन्यूक्लियर बम– हाइड्रोजन बम यह फिशन से 1000 गुना ताकतवर होता है। इसे फ्यूजन बम कहते हैं। इसमें फिशन के लिए यूरेनियम/प्लूटोनियम, फ्यूजन के लिए हाइड्रोजन के आइसोटोप होता है। इसकी डिज़ाइन दो चरण–पहले फिशन ट्रिगर फटता है, जो फ्यूजन शुरू करता है। तेलर-उलाम डिज़ाइन इस्तेमाल होता है। लिथियम ड्यूटेराइड से बूस्ट मिलता है। इसका आकार 5-10 मीटर लंबा, वजन 8-10 टन होता है। यह मिसाइलों पर फिट होता है। इसकी ताकत 100 किलोटन से 50 मेगाटन तक होती है। एक मेगाटन मतलब 1000 किलोटन। त्सार बोम्बा 50 मेगाटन का था। यह 10-20 किमी दायरे में सब कुछ नष्ट कर देता है। तापमान 1 लाख डिग्री–सूरज जैसा होता है। इससे 50 किमी दूर तक आग लग जाती है, 100 किमी/घंटा तेज हवा चलती हैं। ईएमपी से रेडियो, बिजली सब खराब हो जाती है। इससे 10 लाख लोग तुरंत मर सकते हैं, बाकी रेडियोएक्टिव बारिश से कैंसर। पूरा देश प्रभावित हो सकता है। यह बड़े शहर या पहाड़ को मिटा देता है। जैसे अमेरिका का बी-53 बम या रूस का त्सार बोम्बा।

न्यूट्रॉन बम–रेडिएशन विशेष बम यह थर्मोन्यूक्लियर का एक प्रकार है, जो लोगों को ज्यादा मारने पर फोकस करता है। इमारतें बचाता है। प्लूटोनियम कोर, लेकिन कम घना टैंपर (बेरिलियम) ताकि न्यूट्रॉन बाहर निकलें। फ्यूजन स्टेज में ट्रिटियम ज्यादा। इसकी डिज़ाइन इम्प्लोजन टाइप, लेकिन न्यूट्रॉन को ब्लास्ट से ज्यादा फैलाने के लिए। यह छोटा और हल्का होता है। इसका आकार 2-3 मीटर लंबा, वजन 1-2 टन होता है। तोपों या मिसाइलों के लिए। इसकी ताकत (यील्ड) 1-10 किलोटन है। यह सिर्फ 0.5-1 किमी में हल्का धमाका करता है। इससे आग और झटका कम, 2 किमी तक सीमित है। न्यूट्रॉन किरणें 1-2 किमी में शरीर की कोशिकाओं को मार देती हैं। लोग 1-2 दिनों में मर जाते हैं, लेकिन घर-इमारतें बचती हैं। लंबे समय तक इलाका खतरनाक बना रहता है। यह सैनिकों के खिलाफ साफ बम कहलाता है। 10 हजार सैनिक मर सकते हैं बिना शहर नष्ट किए। अमेरिका का डब्ल्यू70। कभी बड़े युद्ध में नहीं फोड़ा।

डर्टी बम–रेडियोलॉजिकल बम: यह असली न्यूक्लियर बम नहीं है। सिर्फ न्यूक्लियर गंदगी फैलाने वाला। न्यूट्रॉन बम के फटने से उसमें से बैलिस्टिक पार्टिकल्स निकलते हैं। इसकी सामग्री में सामान्य बारूद+रेडियोएक्टिव कचरा। इसकी डिज़ाइन साधारण बम में रेडियोएक्टिव पाउडर डालकर। कोई चेन रिएक्शन नहीं। इसका आकार छोटा, बैग साइज, वजन 10-20 किलो। आसानी से बनता है। इसकी ताकत (यील्ड): बहुत कम– सिर्फ 10-50 किलोग्राम बारूद जितना है। कोई न्यूक्लियर यील्ड नहीं। इसका धमाका 10-50 मीटर में हल्का, 10-20 लोग घायल। विकिरण 1-5 किमी में प्रदूषण फैलता है। तुरंत मौत कम, लेकिन कैंसर, उल्टी जैसी बीमारी सालों तक। इलाका महीनों बंद हो जाता है। आतंक के लिए 100-1000 लोग बीमार हो सकते हैं। कोई बड़ा केस नहीं, लेकिन इराक युद्ध में डराया गया था।

बूस्टेड फिशन बम: फिशन+थोड़ा फ्यूजन. विशेषताएं प्लूटोनियम+गैस बूस्टर। यील्ड: 100-500 केटी इसका प्रभाव फिशन से दोगुना, ज्यादा कुशल। प्योर फ्यूजन बम सिर्फ फ्यूजन, बिना फिशन। विशेषताएं-लेजर से ट्रिगर। यील्ड: 1-10 केटी। प्रभाव-कम रेडिशन।

टैक्टिकल बम छोटे, युद्ध मैदान के लिए। यील्ड: 0.1-30 केटी प्रभाव 1 किमी में मौजूद सैनिक नष्ट। परमाणु बमों के मुख्य 4 प्रकार हैं, जो फिशन-फ्यूजन पर आधारित हैं। दुनिया में 12 हजार से ज्यादा परमाणु हथियार हैं। ज्यादातर थर्मोन्यूक्लियर। ये न सिर्फ जान लेते हैं, बल्कि पर्यावरण को भी बर्बाद करते हैं। भारत और पाकिस्तान जैसे देशों के पास भी हैं, लेकिन एनपीटी समझौता इन्हें रोकने की कोशिश करता है।

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