
बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का ताबड़तोड़ एक्शन जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को किशनगंज में सर्व शिक्षा अभियान की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) रूबी कुमारी के खिलाफ एजेंसी ने बड़ा कदम उठाया है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में EOU की विशेष टीमों ने अधिकारी के चार ठिकानों पर एक साथ दबिश दी है। इस अचानक हुई कार्रवाई से स्थानीय शिक्षा विभाग और प्रशासनिक महकमे में भारी हड़कंप मच गया है।
किशनगंज से लेकर कटिहार तक चल रही तलाशी
आर्थिक अपराध इकाई को पुख्ता इनपुट मिले थे कि महिला अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बड़े पैमाने पर अवैध संपत्ति खड़ी की है। इसके बाद एक विशेष रणनीति के तहत मंगलवार सुबह से ही तलाशी अभियान शुरू किया गया। किशनगंज स्थित चार प्रमुख ठिकानों के अलावा एजेंसी की एक टीम कटिहार में भी पहुंची है, जहां अधिकारी से जुड़े परिसरों पर छापेमारी जारी है। टीमों द्वारा घर, कार्यालय और अन्य संपत्तियों में मौजूद अलमारियों, लॉकरों, बैंक खातों की पासबुक, जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री के कागजात और निवेश से जुड़े सभी वित्तीय रिकॉर्ड्स को बारीकी से खंगाला जा रहा है।
आय से 80 प्रतिशत अधिक संपत्ति का मामला, EOU डीएसपी ने की पुष्टि
मामले की जानकारी देते हुए आर्थिक अपराध इकाई के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) मोहम्मद जनीफुद्दीन ने चार ठिकानों पर छापेमारी की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला ज्ञात स्रोतों से करीब 80 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने से जुड़ा पाया गया है। डीएसपी के मुताबिक, फिलहाल अधिकारी के विभिन्न ठिकानों पर तलाशी अभियान चल रहा है। बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट और हालिया वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही जब्त संपत्तियों और नकदी का सटीक ब्योरा साझा किया जाएगा।
शिक्षा महकमे में मचा हड़कंप, कड़ियां जोड़ने में जुटी एजेंसी
सर्व शिक्षा अभियान जैसे महत्वपूर्ण प्रभाग की डीपीओ के ठिकानों पर छापेमारी की खबर फैलते ही शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच खलबली मच गई है। जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि पद पर रहते हुए अवैध धन की उगाही किस माध्यम से की गई और इस काली कमाई को किन-किन जगहों पर निवेश किया गया। माना जा रहा है कि छापेमारी खत्म होने के बाद कई अन्य अहम खुलासे हो सकते हैं।
voice of india