
वॉशिंगटन। अमेरिका में होने जा रहे अहम मिडटर्म चुनावों पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के लिए यह चुनाव बेहद चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं, लेकिन वोटिंग से ठीक पहले सामने आए एक नए ओपिनियन पोल ने उनकी चिंताएं और बढ़ा दी हैं। प्रतिष्ठित थिंक टैंक ‘कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस’ (Carnegie Endowment for International Peace) और ‘यूगव’ (YouGov) के संयुक्त सर्वे से साफ संकेत मिले हैं कि प्रभावशाली भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं का रुख एक बार फिर तेजी से डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर झुक गया है।
डेमोक्रेट्स को 43 अंकों की भारी बढ़त, रिपब्लिकन काफी पीछे
‘इंडियन अमेरिकन एटीट्यूड्स सर्वे’ (IAAS) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मिडटर्म चुनावों में भारतीय मूल के करीब 62 फीसदी मतदाता डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की योजना बना रहे हैं। इसके विपरीत, रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों को केवल 19 फीसदी मतदाताओं का ही समर्थन मिलता दिख रहा है। प्रतिनिधि सभा (US House) के स्तर पर डेमोक्रेट्स को रिपब्लिकन्स पर 43 अंकों की विशाल बढ़त हासिल है। वहीं सीनेट चुनावों में भी यह रुझान लगभग समान है, जहां 63 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट्स के साथ खड़े हैं जबकि महज 21 प्रतिशत ने रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन किया है।
1,000 भारतीय-अमेरिकियों पर हुआ सर्वे, ट्रंप की नीतियों से नाराजगी
यह ऑनलाइन सर्वे 7 से 27 अक्टूबर के बीच 1,000 भारतीय-अमेरिकी वयस्क नागरिकों के बीच आयोजित किया गया था, जिसमें मार्जिन ऑफ एरर 3.87 प्रतिशत है। सर्वे रिपोर्ट तैयार करने वाले प्रमुख शोधकर्ताओं—सुमित्रा बद्रीनाथन, देवेश कपूर, एनाबेल मिलर, एंडी रोबैना और मिलन वैष्णव के अनुसार, परिणाम यह स्पष्ट दर्शाते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की नीतियों और रिपब्लिकन पार्टी के कामकाज को लेकर भारतीय समुदाय में असंतोष बढ़ा है, जिसका सीधा फायदा डेमोक्रेटिक पार्टी को मिलता दिख रहा है।
2024 में ट्रंप को मिला फायदा नहीं बदल सका स्थायी वोट बैंक में
सर्वे के आंकड़ों का तुलनात्मक विश्लेषण करने पर पता चलता है कि वर्ष 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को भारतीय-अमेरिकियों का लगभग 30 प्रतिशत समर्थन मिला था, जबकि 62 प्रतिशत ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस का पक्ष लिया था। हालांकि, संसद के इन मौजूदा चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी वह बढ़त बरकरार रखने में पूरी तरह विफल रही है। हाउस चुनावों में रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन गिरकर सीधे 19 प्रतिशत पर आ गया है, जबकि डेमोक्रेट्स अपने 62 प्रतिशत के मजबूत आधार पर टिके हुए हैं।
पुरुष मतदाताओं में यू-टर्न: 40+ उम्र के वोटरों का बदला रुख
सर्वे में सबसे नाटकीय बदलाव 40 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के पुरुष मतदाताओं के व्यवहार में दर्ज किया गया है। इस वर्ग में डेमोक्रेटिक पार्टी का समर्थन जनवरी में दर्ज 53 फीसदी से उछलकर सीधे 68 फीसदी पर पहुंच गया है। दूसरी ओर, रिपब्लिकन पार्टी के लिए इस वर्ग का समर्थन 32 प्रतिशत से घटकर आधा यानी 16 प्रतिशत पर आ गया है।
एक और दिलचस्प पहलू यह है कि जहां 46 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने औपचारिक रूप से खुद को पंजीकृत डेमोक्रेट बताया, वहीं चुनाव में वोट देने के मामले में 62 प्रतिशत ने डेमोक्रेटिक प्रत्याशियों को चुनने की बात कही। इससे साफ है कि निर्दलीय और फ्लोटिंग भारतीय-अमेरिकी मतदाता भी इस बार रिपब्लिकन नीतियों के खिलाफ डेमोक्रेट्स के पक्ष में लामबंद हो रहे हैं।
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