
नेपाल के दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में मंगलवार को एक दर्दनाक विमानन हादसा सामने आया है। एवरेस्ट बेस कैंप के पास लैंडिंग की कोशिश करते वक्त दो छोटे हेलीकॉप्टर आपस में टकरा गए। इस भीषण भिड़ंत में एक विदेशी नागरिक की मौके पर ही जान चली गई, जबकि एक स्थानीय नेपाली नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
नेपाल पुलिस के अधिकारी मौसम तमांग के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब फिश टेल एयर और डायनेस्टी एयर कंपनियों के दो हेलीकॉप्टर बर्फ से ढकी पट्टी पर उतरने का प्रयास कर रहे थे। उसी दौरान संतुलन बिगड़ने से दोनों आपस में टकरा गए।
लैंडिंग के दौरान हुआ संतुलन खराब, बर्फ से ढके इलाके में हादसा
सोलुखुम्बु जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों चॉपर्स के बीच यह टक्कर अत्यधिक ऊंचाई और बर्फ से ढके क्षेत्र में लैंडिंग के समय हुई। सोलुखुम्बु जिला पुलिस प्रभारी नवीन राजा बुधाथोकी ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाला शख्स विदेशी नागरिक था, जिसकी शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय बचाव दल मौके पर पहुंचा और क्षतिग्रस्त मलबे से घायल नेपाली नागरिक को निकालकर रेस्क्यू किया गया।
एवरेस्ट क्षेत्र में हेलीकॉप्टरों पर निर्भरता और जोखिम भरा मौसम
नेपाल के हिमालयी क्षेत्रों में छोटे हेलीकॉप्टरों की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। पर्वतारोहियों, ट्रेकर्स और भारी रसद सामग्री को बेस कैंप तक पहुंचाने के लिए इन पर काफी निर्भरता रहती है। इसके अलावा किसी भी मेडिकल इमरजेंसी या प्राकृतिक आपदा के समय फंसे लोगों को निकालने के लिए भी ये हेलीकॉप्टर लाइफलाइन का काम करते हैं। हालांकि, नेपाल का भौगोलिक परिदृश्य बेहद दुर्गम है और यहां पल-पल बदलता मौसम, तेज बर्फीली हवाएं व कम दृश्यता हवाई उड़ानों को बेहद खतरनाक और जोखिम भरा बना देती हैं।
दुनिया की 14 सबसे ऊंची पर्वत चोटियों में से माउंट एवरेस्ट समेत 8 प्रमुख चोटियां अकेले नेपाल में मौजूद हैं। हर साल दुनिया भर से हजारों पर्वतारोही और पर्यटक यहां ट्रेकिंग के लिए पहुंचते हैं, जिसके चलते पीक सीजन में बेस कैंप के आसपास हवाई यातायात का दबाव काफी बढ़ जाता है।
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