
हिंदी सिनेमा जगत से एक बेहद दुखद और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई है। बॉलीवुड में स्टाइलिश एक्शन, रियलिस्टिक गैंगस्टर ड्रामा और लीक से हटकर थ्रिलर फिल्में बनाने के लिए मशहूर जाने-माने निर्देशक और निर्माता संजय गुप्ता का निधन हो गया है। उनके अचानक निधन से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में गहरा शोक छा गया है। उन्होंने अपने तीन दशक लंबे करियर में कई ऐसी यादगार फिल्मों का निर्देशन किया, जिन्होंने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई।
घर के बाथरूम में गिरने से लगी थी सिर में चोट, अशोक पंडित ने दी जानकारी
शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, 30 अक्टूबर (शुक्रवार) की रात घर के बाथरूम में फिसल कर गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद 31 अक्टूबर की सुबह उनके निधन की दुखद सूचना सामने आई। फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर इस खबर की पुष्टि करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि संजय गुप्ता उनके बेहद करीबी दोस्त थे और यह खबर उनके लिए स्तब्ध कर देने वाली है। उन्होंने संजय गुप्ता को एक जिंदादिल इंसान, बेहतरीन कहानीकार और सिनेमा के प्रति जुनूनी फिल्मकार बताया। उनके अंतिम संस्कार से जुड़ी जानकारी का अभी इंतजार है।
1994 में ‘आतिश’ से शुरू किया था सफर, एक्शन फिल्मों को दी नई दिशा
संजय गुप्ता ने 1994 में संजय दत्त और आदित्य पंचोली स्टारर फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से बतौर निर्देशक अपने करियर का आगाज किया था। पहली ही फिल्म से उन्होंने एक्शन और अपराध की कहानियों को पेश करने का एक नया विजुअल स्टाइल दिखाया। इसके बाद उन्होंने ‘राम शास्त्र’, ‘जंग’, ‘खौफ’ और ‘जिंदा’ जैसी फिल्मों का निर्देशन कर हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग और ठोस पहचान बनाई।
‘कांटे’ ने बदला हिंदी सिनेमा का अंदाज, ‘काबिल’ तक का शानदार सफर
साल 2002 में रिलीज हुई फिल्म ‘कांटे’ ने उन्हें बॉलीवुड के शीर्ष निर्देशकों की कतार में ला खड़ा किया। अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, लकी अली और कुमार गौरव स्टारर यह मल्टी-स्टारर फिल्म बैंक डकैती की कहानी और अपने अल्ट्रा-स्टाइलिश विजुअल्स व म्यूजिक के लिए आज भी कल्ट क्लासिक मानी जाती है। इसके अलावा उन्होंने ‘मुसाफिर’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘जज्बा’, ‘मुंबई सागा’ और 2017 में ऋतिक रोशन स्टारर ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘काबिल’ जैसी फिल्मों का सफल निर्देशन किया। वे बतौर निर्माता ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ से भी जुड़े रहे।
अंडरवर्ल्ड, दमदार डायलॉग्स और ग्रीन-टिंट सिनेमैटोग्राफी थी यूएसपी
संजय गुप्ता की पहचान हिंदी सिनेमा में एक ऐसे डायरेक्टर के तौर पर हमेशा रहेगी, जिन्होंने मुंबई के अंडरवर्ल्ड और क्राइम ड्रामा को हॉलीवुड स्तर का स्टाइलिश लुक दिया। फास्ट-पेस्ड एक्शन, ग्रीनिश और ब्रास टोन वाली सिनेमैटोग्राफी, हाई-ऑक्टेन बैकग्राउंड स्कोर और भारी-भरकम डायलॉग्स उनकी फिल्मों के ट्रेडमार्क थे। उन्होंने अपने बैनर ‘व्हाइट फेदर फिल्म्स’ के तले भी कई बेहतरीन प्रोजेक्ट्स बनाए। उनके असमय चले जाने से बॉलीवुड ने एक ऐसा फिल्मकार खो दिया है, जिसने भारतीय सिनेमा में एक्शन और थ्रिलर जॉनर को एक नई पहचान दी।
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