
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) 2026 के दौरान झांसी जिले में नकल का एक हैरतअंगेज और हाईटेक मामला सामने आया है। परीक्षा केंद्र पर सघन चेकिंग से बचने के लिए प्रयागराज से आए एक शातिर अभ्यर्थी ने सैनिटरी पैड के भीतर ब्लूटूथ व इलेक्ट्रॉनिक चिप को छिपाकर उसे अपने अंतःवस्त्रों में लगा रखा था। हालांकि, परीक्षा हॉल में डिवाइस से निकली हल्की सी सरसराहट की आवाज ने उसकी पूरी साजिश को बेनकाब कर दिया और वह सीधे पुलिस की गिरफ्त में पहुंच गया।
एक सरसराहट और खुल गया राज, प्रयागराज का अभ्यर्थी गिरफ्तार
झांसी की एसपी सिटी प्रीति सिंह के अनुसार, पकड़े गए आरोपी अभ्यर्थी की पहचान प्रयागराज निवासी आकाश पटेल के रूप में हुई है। आरोपी ने ब्लूटूथ सेटअप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बेहद शातिराना तरीके से सैनिटरी पैड की परतों के बीच छिपाया था और उसे पहनकर परीक्षा केंद्र के अंदर दाखिल होने में कामयाब हो गया था। परीक्षा हॉल में जब वह प्रश्नपत्र हल कर रहा था, तभी उसके पास से लगातार एक अजीब सी सरसराहट की आवाज आने लगी। ड्यूटी पर मौजूद कक्ष निरीक्षक को जैसे ही संदेह हुआ, उन्होंने तुरंत आला अधिकारियों को अलर्ट किया। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों द्वारा ली गई गहन तलाशी में आरोपी के इनरवियर से सैनिटरी पैड में छुपाया गया पूरा ब्लूटूथ सिस्टम बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
झांसी में 10,811 अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा, प्रशासन का नकलविहीन का दावा
झांसी जिले में पीईटी परीक्षा के सफल आयोजन के लिए 37 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जिलाधिकारी गौरांग राठी और एडीएम प्रशासन संजय चावला ने बताया कि पूरी परीक्षा सीसीटीवी कैमरों की कड़ी निगरानी में आयोजित कराई गई। हालांकि, परीक्षा में गैरहाजिरी का आंकड़ा काफी चौंकाने वाला रहा। पहली पाली में 5,391 और दूसरी पाली में 5,420 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इस तरह केवल झांसी जनपद में ही 10,811 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
बदायूं में ‘गूगल मैप’ के फेर में फंसे परीक्षार्थी, गलत रूट ने बढ़ाई मुश्किलें
दूसरी तरफ बदायूं जिले में परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थियों को तकनीक के फेर में भारी फजीहत झेलनी पड़ी। सीतापुर, लखीमपुर खीरी और शाहजहांपुर से बदायूं आए अभ्यर्थियों को ‘डीपॉल स्कूल’ परीक्षा केंद्र पहुंचना था, लेकिन ‘गूगल मैप’ ने उन्हें गलत रास्ता दिखा दिया। मैप की गलत नेविगेशन के चलते अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र की बजाय मूसाझाग क्षेत्र में ग्राम प्रधान कालीचरण के मकान के पास पहुंच गए। अंतिम समय में भटके दर्जनों परीक्षार्थी सेंटर तक पहुंचने के लिए सड़कों पर बदहवास दौड़ते नजर आए।
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