Saturday , 31 October 2026

दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट से गूंजा जेएलएन स्टेडियम: ‘पंजाबियों को लड़ना मत सिखाओ…’, आलोचकों को दिया करारा जवाब, ड्रोन शो से बांधा समां

नई दिल्ली पंजाबी गानों की मदमस्त धुनें, हजारों की तादाद में उमड़े फैंस का बेमिसाल जोश और आतिशबाजी से जगमगाता आसमान—शुक्रवार की शाम देश की राजधानी का जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम पूरी तरह से दिलजीत दोसांझ के रंग में रंगा नजर आया। अपने बहुचर्चित ‘ऑरा इंडिया टूर’ का धमाकेदार आगाज करने पहुंचे वैश्विक स्टार दिलजीत ने ऐसी ऊर्जा भरी कि पूरा स्टेडियम झूमने पर मजबूर हो गया। हालांकि, इस यादगार शाम में सिर्फ उनके सुपरहिट गानों की ही गूंज नहीं रही, बल्कि मंच से आलोचकों को दिया गया उनका दो टूक बयान भी सुर्खियों में आ गया। दिलजीत ने भरे मंच से साफ लहजे में कहा, “पंजाबियों को लड़ना मत सिखाओ।” उनका यह बयान सुनते ही स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने तालियों और नारों के साथ आसमान सिर पर उठा लिया।

कड़े सुरक्षा पहरे के बीच सजा सुरों का मेला दिल्ली में आयोजित इस भव्य कॉन्सर्ट को लेकर पहले संशय के बादल मंडरा रहे थे। त्योहारों के मौसम में सुरक्षा व्यवस्था और भारी भीड़ के प्रबंधन का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने पहले अनुमति देने में हिचकिचाहट दिखाई थी। हालांकि, आयोजकों द्वारा पुख्ता सुरक्षा बंदोबस्त, ट्रैफिक डायवर्जन और इमरजेंसी एग्जिट प्लान पेश करने के बाद इसे हरी झंडी मिली। शुक्रवार को स्टेडियम परिसर और आसपास के इलाकों में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रही। सैकड़ों पुलिसकर्मी तैनात रहे और मध्य रात्रि तक प्रमुख मार्गों पर विशेष यातायात पाबंदियां लागू की गईं।

‘पंजाबी आ गए ओए’ की गूंज, दर्शकों को बांधी गई मुफ्त पगड़ी कॉन्सर्ट को लेकर युवाओं और संगीत प्रेमियों में गजब की दीवानगी देखने को मिली। सड़कों पर ट्रैफिक जाम से बचने के लिए हजारों दर्शक मेट्रो का सहारा लेकर आयोजन स्थल पहुंचे। बड़ी संख्या में फैंस ‘पंजाबी आ गए ओए’ लिखी टी-शर्ट और दिलजीत के अंतरराष्ट्रीय टूर वाले खास परिधानों में सजे-धजे नजर आए। माहौल को खालिस देसी और पंजाबी रंगत देने के लिए आयोजकों की ओर से स्टेडियम में प्रवेश करने वाले दर्शकों को मुफ्त में पगड़ी बांधने की अनूठी व्यवस्था भी की गई थी।

चांद की आकृति से शानदार एंट्री, ‘कहंदे सोनिए’ से छेड़े सुर कार्यक्रम की शुरुआत अत्याधुनिक लाइट शो के साथ हुई, जिसके बाद दिलजीत की शाही एंट्री ने हर किसी की सांसें थाम दीं। सफेद लिबास और काले चश्मे में सजे दिलजीत एक विशालकाय कृत्रिम चांद के सामने स्थित ऊंचे हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म पर नजर आए, जो आतिशबाजी के बीच धीरे-धीरे मुख्य मंच की ओर उतरा। दिलजीत ने माइक संभालते ही ‘कहंदे सोनिए’ से महफिल की शुरुआत की। इसके बाद ‘5 तारा’, ‘डू यू नो’ और ‘पटियाला पेग’ पर दर्शक दीर्घा में हर कोई थिरकता दिखाई दिया। ‘डू यू नो’ के बोल तो पूरा स्टेडियम एक सुर में गाता रहा। वहीं दिलजीत ने सदाबहार लोकगीत ‘लौंग गवाचा’ गाकर पुरानी यादें ताजा कर दीं।

महिला फैन संग डांस और गिफ्ट, पुराने नगमों का चला जादू परफॉर्मेंस के दौरान दिलजीत लगातार अपने प्रशंसकों से दिल की बात करते रहे। भीड़ से उठने वाली ‘आई लव यू’ की आवाजों पर उन्होंने उसी अंदाज में ‘आई लव यू टू’ कहकर मोहब्बत लुटाई। पुराने गीतों के शौकीनों के लिए उन्होंने ‘काली तेरी’ की प्रस्तुति दी। इस दौरान उन्होंने भीड़ में से एक महिला फैन को मंच पर आमंत्रित कर उनके साथ डांस स्टेप्स किए और उन्हें एक खास गिफ्ट हैम्पर भेंट किया। इसके अलावा ‘सांसों की माला’ और ‘खुदा गवाह’ के सुर छेड़कर उन्होंने समां बांध दिया।

सीआरपीएफ की महिला जवान को मंच पर बुलाकर नमन शो के एक भावुक पल में दिलजीत ने सुरक्षा में मुस्तैद सीआरपीएफ (CRPF) की एक महिला जवान को मंच पर बुलाया और देश सेवा के लिए उनका आभार व्यक्त किया। दिलजीत ने कहा कि हमारे सुरक्षाबलों के त्याग और पहरे की बदौलत ही देशवासी सुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने महिला जवान की तुलना अपनी मां से करते हुए कहा कि इन्हें देखकर लगा जैसे मां सामने खड़ी हों। उन्होंने यह भी साझा किया कि शो शुरू होने से ठीक पहले उनकी मां ने फोन कर उनका हालचाल पूछा था और अपना ख्याल रखने की नसीहत दी थी।

‘पंजाबियों को लड़ना मत सिखाओ’, आलोचकों पर सीधा पलटवार लगातार हिट नगमों के बाद दिलजीत ने कुछ पल रुककर उन विरोधियों पर निशाना साधा जो लंबे समय से उन्हें निशाना बना रहे थे। उन्होंने कहा कि एक कलाकार होने के नाते वे सबसे बेपनाह मोहब्बत करते हैं, लेकिन किसी को भी पंजाबियों को यह सिखाने की जरूरत नहीं है कि लड़ाई कैसे लड़ी जाती है। दरअसल, यह बयान राजनीतिक छात्र आंदोलनों से दूरी बनाए रखने पर हुई उनकी घेराबंदी के जवाब के रूप में देखा गया। दिलजीत ने मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के संघर्ष पर आधारित अपनी फिल्म ‘सतलुज’ का दर्द भी बयां किया। उन्होंने कहा कि इस फिल्म को बनाने में वर्षों का संघर्ष लगा, लेकिन ओटीटी पर रिलीज होते ही कुछ ही दिनों में इसे हटा दिया गया और लोगों ने इसका मजाक उड़ाया।

ड्रोन शो के साथ भव्य विदाई, आसमान में चमके खास संदेश कॉन्सर्ट के अंतिम चरण में दिलजीत ने ‘GOAT’, ‘बॉर्न टू शाइन’, ‘किन्नी किन्नी’, ‘रांझा’, ‘रोग’, फिल्म भूल भुलैया 3 का ‘हरे कृष्णा हरे राम’ और रोमांटिक अंदाज में ‘इश्क दी बाजियां’, ‘इक्क कुड़ी’ और ‘नैना’ गाकर समां बांध दिया। कार्यक्रम का समापन उन्होंने फिल्म अमर सिंह चमकीला के चर्चित गीत ‘मैं हूं पंजाब’ के साथ किया। इसके तुरंत बाद आसमान में सैकड़ों ड्रोन्स ने मनमोहक आकृतियां बनाकर ‘पंजाबी आ गए ओए’ और ‘आई एम आर्टिस्ट ब्रो’ के संदेश उकेरे, जिसे देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।

20 दिसंबर तक चलेगा भारत दौरा, इन शहरों में मचेगी धूम शो के समापन के बाद दिलजीत ने सोशल मीडिया पर दिल्ली की जनता का आभार जताया। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए लिखा कि दुनिया के कई देशों में शो करने के बावजूद भारत में कार्यक्रम आयोजित करने में कई प्रशासनिक अड़चनों से जूझना पड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि शो के बीच बारिश होने लगी थी, जिसके बाद उन्होंने मौसम साफ रहने की अरदास की थी। दिलजीत ने प्रशंसकों को आश्वस्त किया कि उनका यह म्यूजिकल सफर 20 दिसंबर तक जारी रहेगा। आने वाले दिनों में वे इंदौर, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरु, लखनऊ, चंडीगढ़ और कोलकाता में अपने लाइव कॉन्सर्ट से दर्शकों का दिल जीतेंगे।

 

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