
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र अंतर्गत स्वर्णजयंती विहार में हुए 32 वर्षीय तलाकशुदा महिला के सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी व मृतका के प्रेमी पप्पू पासवान को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया है। आरोपी सेन पश्चिमपारा का रहने वाला है। पुलिस हिरासत में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए जो खुलासे किए हैं, उसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। आरोपी का कहना है कि महिला उस पर पुराने मुकदमे में समझौते का दबाव बनाकर लगातार प्रताड़ित कर रही थी और विवाद के दौरान उसने उसकी नाबालिग बेटी के साथ अनहोनी की धमकी दे डाली, जिससे आक्रोशित होकर उसने वारदात को अंजाम दिया।
कांशीराम कॉलोनी में मुलाकात और मुकदमों का सिलसिला डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने मीडिया को मामले की विस्तार से जानकारी दी। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मूलरूप से देवरिया जनपद की रहने वाली महिला ने करीब 12 वर्ष पूर्व जाजमऊ निवासी अपने बहनोई से निकाह किया था। हालांकि यह रिश्ता तीन-चार साल ही चल सका और वह अलग हो गई। वर्ष 2021 में कांशीराम कॉलोनी में रहने के दौरान उसकी मुलाकात पप्पू पासवान से हुई और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। कुछ समय बाद जब महिला को पप्पू के पहले से विवाहित होने की जानकारी हुई, तो उसने वर्ष 2022 में बिधनू थाने में शादी छिपाकर शारीरिक शोषण करने और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज करवा दिया। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत बंद हो गई, लेकिन बीते डेढ़ साल से दोनों दोबारा एक-दूसरे के संपर्क में आ गए थे।
कमरे में विवाद के बाद दीवार पर पटक दिया सिर आरोपी पप्पू ने पुलिस को बताया कि महिला स्वर्णजयंती विहार स्थित किराये के कमरे में समझौते के बहाने बुलाकर उस पर दबाव बनाती थी। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच इसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक हुई। पप्पू का आरोप है कि बहस के दौरान महिला ने उसकी 13 वर्षीय बेटी का सामूहिक दुष्कर्म कराने की धमकी दे दी। यह सुनते ही वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठा और उसने महिला का गला दबा दिया। इसके बाद सिर को दीवार पर जोर से पटककर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद शव को कमरे में तख्त के नीचे छिपाकर वह मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने शनिवार को गोकुल ग्राउंड डी ब्लॉक के समीप घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
पहचान छिपाने का खेल और साथी पुरुषों पर कानूनी शिकंजा जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि महिला अक्सर अपनी पहचान बदलकर रहती थी और जिसके साथ भी रही, बाद में उसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई। पहले पति को छोड़ने के बाद वह उन्नाव के गंगाघाट थाना क्षेत्र स्थित लखापुर निवासी राजकुमार के साथ रही। उसी पते पर पहचान पत्र भी तैयार कराया। बाद में वर्ष 2020 में उसने गंगाघाट थाने में राजकुमार के खिलाफ शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण और दहेज उत्पीड़न की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद वह पप्पू के संपर्क में आई और 2022 में उस पर भी मुकदमा कर दिया। इसके उपरांत वह चकेरी के सनिगवां निवासी आकिब कुरैशी के साथ रहने लगी। वर्ष 2026 में उसने गंगाघाट थाने में आकिब के खिलाफ भी दहेज प्रताड़ना व शोषण की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
दस्तावेजों में विसंगति और मकान मालिक का बयान पुलिस को जांच के दौरान महिला का एक पहचान पत्र बरामद हुआ है, जो राजकुमार के पते पर बना हुआ है। हैरत की बात यह है कि इस दस्तावेज में उसने राजकुमार को अपना पिता दर्शाया है, जबकि उसी राजकुमार के खिलाफ दर्ज मुकदमे में उसने शादी का झांसा देकर शोषण का आरोप लगाया था। उधर, स्वर्ण जयंती विहार विस्तार पार्ट-1 निवासी मकान मालिक दिनेश चंद्र मिश्रा के मकान में बीती 22 अक्तूबर की रात महिला का शव बरामद हुआ था। मकान मालिक के अनुसार, महिला करीब 20 दिन पूर्व ही वहां किराये पर रहने आई थी और उसने आकिब कुरैशी को अपना पति बताया था। मृतका के परिजनों ने आकिब और पप्पू दोनों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि पुलिस की प्रारंभिक विवेचना में आकिब कुरैशी की इस हत्याकांड में कोई संलिप्तता नहीं पाई गई है।
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