
ट्रेन के सफर में अक्सर सह-यात्रियों की एक आदत पूरे डिब्बे का सिरदर्द बन जाती है—बिना ईयरफोन तेज आवाज में वीडियो, रील देखना या फोन पर जोर-जोर से बातें करना। अगर आप भी लंबे सफर के दौरान इस शोर-शराबे से परेशान होते रहे हैं, तो भारतीय रेलवे ने ऐसे लापरवाह मुसाफिरों पर नकेल कसने की पूरी तैयारी कर ली है। रेलवे ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि दूसरों की शांति भंग करने वालों के खिलाफ अब सीधी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धारा 145 के तहत ₹1000 जुर्माना और 6 महीने की जेल
रेलवे प्रशासन के अनुसार, ट्रेन की बोगी या स्टेशन परिसर में तेज आवाज में मोबाइल बजाना अब भारी नुकसान करा सकता है। रेलवे एक्ट की धारा 145 के तहत बिना ईयरफोन स्पीकर पर गाने सुनना, वीडियो देखना या जोर से चिल्लाकर बात करना दंडनीय अपराध के दायरे में आता है। नियमों की अनदेखी करने पर यात्री पर ₹1000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, जबकि गंभीर मामलों में 6 महीने तक की जेल की सजा का भी प्रावधान है।
टीटीई को मिले ऑन-द-स्पॉट चालान और डिब्बे से उतारने के अधिकार
सफर को शांत और सुगम बनाने के लिए रेलवे ने टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) और वाणिज्यिक अधिकारियों के अधिकारों में इजाफा किया है। अब यदि कोई मुसाफिर चेतावनी के बाद भी शोर मचाता है और साथी यात्रियों की नींद या आराम में खलल डालता है, तो टीटीई मौके पर ही ₹1000 का जुर्माना रसीद काट सकते हैं। इतना ही नहीं, स्थिति बिगड़ने या यात्री के अड़ियल रवैये पर अधिकारी के पास उसे अगले स्टेशन पर ट्रेन से नीचे उतार देने का भी पूरा अधिकार होगा।
दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम रेलवे में शुरू हुई विशेष सख्ती
इन नियमों को जमीन पर उतारने के लिए दक्षिण रेलवे (SR) और दक्षिण-पश्चिम रेलवे (SWR) ने अपने सभी मंडलों को सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। स्टेशनों और बोगियों के भीतर मुसाफिरों को जागरूक करने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में पोस्टर चस्पा किए जा रहे हैं। साथ ही, स्टेशन परिसरों और ट्रेनों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लगातार अनाउंसमेंट कर यात्रियों को इन नियमों की जानकारी दी जा रही है।
ईयरफोन का इस्तेमाल और फोन साइलेंट रखने की अपील
रेलवे ने कानूनी डंडे के साथ-साथ यात्रियों से नागरिक शिष्टाचार निभाने का भी आग्रह किया है। प्रशासन का कहना है कि सफर के दौरान मोबाइल पर कुछ भी सुनते या देखते समय अनिवार्य रूप से ईयरफोन या हेडफोन का उपयोग करें। इसके अलावा, यात्रा के दौरान फोन को साइलेंट या वाइब्रेट मोड पर रखें, ताकि पास बैठे सह-यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो और सभी का सफर सुखद बना रहे।
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