उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) की 11 सीटों पर 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान से ठीक पहले बड़ा सियासी और प्रशासनिक बखेड़ा खड़ा हो गया है। इलाहाबाद-झांसी स्नातक खंड निर्वाचन क्षेत्र की आधिकारिक मतदाता सूची में बेहद हास्यास्पद और आपत्तिजनक प्रविष्टियां सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस सूची में एक जगह मतदाता का नाम ‘राम ने यादव को मारा’ और पिता का नाम ‘मूर्खचंद यादव’ दर्ज पाया गया है। वहीं फतेहपुर क्षेत्र में वोटर के नाम वाले कॉलम में ‘अली के पास है’ जैसी बेतुकी एंट्री दर्ज मिली है। मतदान से ऐन पहले इस तरह की भारी चूक ने चुनाव प्रक्रिया और डेटा सत्यापन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
निर्वाचन आयोग का सख्त एक्शन, दोपहर तक झांसी मंडलायुक्त से मांगी जांच रिपोर्ट
सोशल मीडिया पर मतदाता सूची की तस्वीरें वायरल होते ही निर्वाचन विभाग तुरंत हरकत में आ गया। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए झांसी के मंडलायुक्त से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया कि इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (झांसी मंडलायुक्त) को मामले की त्वरित जांच कर दोपहर तक विस्तृत आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि यह किसी शरारती तत्व की करतूत है, तकनीकी खामी है या फिर डेटा फीडिंग के दौरान कर्मचारियों की घोर लापरवाही।
23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से वोटिंग, 27 अक्टूबर को सामने आएंगे नतीजे
उत्तर प्रदेश की जिन 11 विधान परिषद सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों के लिए 21 अक्टूबर की शाम को चुनाव प्रचार का शोर थम चुका है। राज्य भर में 2697 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, जहां 14 लाख 81 हजार 310 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कुल 152 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला मतपेटियों में बंद होगा। 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक वोट डाले जाएंगे, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को संपन्न होगी। आंकड़ों के लिहाज से लखनऊ स्नातक सीट पर सर्वाधिक 3,13,531 मतदाता हैं, जबकि वाराणसी स्नातक में 2,88,622 और इलाहाबाद-झांसी स्नातक क्षेत्र में 2,64,233 मतदाता पंजीकृत हैं।
5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की पूरी सूची
राज्य में इस बार स्नातक कोटे की 5 सीटों के अंतर्गत लखनऊ मंडल स्नातक, वाराणसी मंडल स्नातक, आगरा मंडल स्नातक, मेरठ मंडल स्नातक और इलाहाबाद-झांसी मंडल स्नातक शामिल हैं। वहीं शिक्षक कोटे की 6 सीटों में लखनऊ मंडल शिक्षक, वाराणसी मंडल शिक्षक, आगरा मंडल शिक्षक, मेरठ मंडल शिक्षक, बरेली-मुरादाबाद मंडल शिक्षक और गोरखपुर-फैजाबाद मंडल शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सीधा मुकाबला होने जा रहा है। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर को पूरा हो रहा है, जिसके चलते यह चुनावी प्रक्रिया आयोजित की जा रही है।
2027 से पहले सेमीफाइनल मुकाबला: भाजपा की डबल डिजिट पर नजर, सपा दे रही कड़ी टक्कर
आगामी यूपी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह एमएलसी चुनाव सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के लिए प्रतिष्ठा की जंग बन चुका है। पिछली बार इन 11 सीटों में से सपा ने 6 पर जीत दर्ज कर बढ़त बनाई थी, जबकि भाजपा को 5 सीटों से संतोष करना पड़ा था। इस बार भाजपा ने सभी सीटों पर कब्जा जमाकर ‘डबल डिजिट’ का आंकड़ा छूने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद गोरखपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, आगरा और गाजियाबाद जैसे जिलों में रैलियां कर मोर्चा संभाला, वहीं योगी सरकार के एक दर्जन से अधिक मंत्री और दर्जनों विधायक लगातार प्रचार में डटे रहे। दूसरी ओर, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जनसभाओं के बजाय अपने सांसदों, विधायकों और बूथ कमेटियों को डोर-टू-डोर कैंपेन की कमान सौंपकर मतदाताओं को लामबंद करने का सघन अभियान चलाया है।
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