
इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी एक युवक की मध्य प्रदेश के ग्वालियर में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला गहराता जा रहा है। ग्वालियर के एक नाले से शव बरामद होने के बाद गुरुवार रात इटावा में परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजन सैकड़ों लोगों के साथ शव को लेकर सीधे इटावा कोतवाली पहुंच गए और सड़क पर शव रखकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। परिजनों ने युवक के साथ गए एक करीबी रिश्तेदार पर ही हत्या का सीधा आरोप लगाते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का ठोस भरोसा दिए जाने के बाद करीब दो घंटे चला यह विरोध प्रदर्शन रात 11 बजे समाप्त हुआ।
नाबालिग किशोरी को बरामद कराने पुलिस के साथ गया था युवक
मिली जानकारी के मुताबिक, इटावा कोतवाली क्षेत्र के साबितगंज निवासी बृजेंद्र गत 11 अक्टूबर को अपने एक रिश्तेदार की नाबालिग बेटी को बरामद कराने के सिलसिले में पुलिस टीम के साथ गुजरात के अहमदाबाद गया था। दरअसल, उक्त किशोरी को एक युवक भगाकर ले गया था। अहमदाबाद में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया और आरोपी युवक व उसके साथियों को हिरासत में ले लिया था।
‘कार में जगह नहीं है…’ कहकर अहमदाबाद में ही छोड़ दिया
परिजनों का आरोप है कि वापसी के सफर के दौरान गाड़ी में जगह की कमी होने की बात कहकर पुलिस टीम और अन्य परिजनों ने बृजेंद्र और उसके एक अन्य रिश्तेदार को अहमदाबाद में ही छोड़ दिया। इसके बाद दोनों किसी तरह ट्रेन अथवा अन्य साधनों से मध्य प्रदेश के ग्वालियर पहुंचे। ग्वालियर पहुंचने के बाद बृजेंद्र रहस्यमय परिस्थितियों में अचानक लापता हो गया, जिससे पूरे मामले में अनहोनी की आशंका गहरा गई।
21 अक्टूबर को नाले में उतराता मिला शव, साथी रिश्तेदार अकेले लौटा घर
बृजेंद्र के साथ गया दूसरा रिश्तेदार अकेले ही इटावा लौट आया और उसने परिवार को सूचना दी कि बृजेंद्र ग्वालियर में कहीं खो गया है। इसके बाद परिजन घबरा गए और उसकी तलाश में जुट गए। इसी बीच, 21 अक्टूबर को ग्वालियर के पड़ाव थाना क्षेत्र स्थित एक नाले से एक अज्ञात शव मिलने से सनसनी फैल गई। ग्वालियर पुलिस ने शिनाख्त कराई तो वह शव बृजेंद्र का निकला। 22 अक्टूबर को पोस्टमार्टम की कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शव इटावा पहुंचते ही कोहराम मच गया और परिजनों ने साथ गए रिश्तेदार पर ही हत्या की साजिश रचने का संगीन आरोप मढ़ दिया।
कोतवाली के सामने शव रखकर जाम, दो घंटे तक चला हंगामा
गुरुवार रात करीब 9 बजे शव एंबुलेंस से इटावा पहुंचते ही परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे। परिजनों ने आरोप लगाया कि इटावा पुलिस ने शुरुआत में गुमशुदगी और संदेह के बिंदुओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। देखते ही देखते भीड़ ने कोतवाली के सामने सड़क को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। प्रदर्शन और जाम की खबर मिलते ही क्षेत्राधिकारी नगर (सीओ सिटी) अवनीश कुमार सिंह और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यशवंत सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। करीब दो घंटे तक चली वार्ता के बाद जब अधिकारियों ने निष्पक्ष विवेचना और साक्ष्यों के आधार पर कठोर कार्रवाई की गारंटी दी, तब जाकर रात 11 बजे परिजन शांत हुए और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
भाई ने उठाए पुलिस की भूमिका पर सवाल, संदिग्ध को छोड़ने का लगाया आरोप
मृतक बृजेंद्र के भाई ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब उसका भाई लापता हुआ था, तब शक के आधार पर नामजद युवक को पुलिस थाने लेकर आई थी, लेकिन बिना किसी गहन पूछताछ के उसे छोड़ दिया गया। भाई का दावा है कि उसी युवक ने सोची-समझी साजिश के तहत बृजेंद्र की जान ली है। सीओ सिटी अवनीश कुमार सिंह ने पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि बृजेंद्र के शव का पोस्टमार्टम ग्वालियर के पड़ाव थाना पुलिस द्वारा कराया गया है। परिजनों ने एक करीबी व्यक्ति पर हत्या का शक जताया है। इस संबंध में ग्वालियर पुलिस से लगातार समन्वय बनाया गया है और ग्वालियर पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट व फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने की बात कही है।
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