उत्तर प्रदेश के बिजनौर पुलिस महकमे से अनुशासनहीनता का एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बढ़ापुर थाने के आधिकारिक सीयूजी व्हाट्सएप ग्रुप में आपत्तिजनक व अश्लील वीडियो साझा करने के आरोप में वहां तैनात थाना प्रभारी (एसएचओ) पर निलंबन की गाज गिरी है। मामले की विभागीय जांच में पुष्टि होने के बाद पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बुधवार को त्वरित एक्शन लेते हुए इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। इस सख्त कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
डिलीट करने से पहले पुलिसकर्मियों ने कर लिया था डाउनलोड, महकमे में हुई किरकिरी
घटनाक्रम करीब पांच दिन पुराना बताया जा रहा है। बढ़ापुर थाने के जिस आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल कानून-व्यवस्था, गश्त और सरकारी दिशा-निर्देशों के आदान-प्रदान के लिए किया जाता है, उसमें अचानक एक अश्लील वीडियो पोस्ट हो गया। हालांकि, गलती का अहसास होते ही वीडियो को कुछ देर बाद ग्रुप से डिलीट कर दिया गया, लेकिन तब तक बात बिगड़ चुकी थी। ग्रुप में जुड़े कुछ कर्मियों ने वीडियो को डाउनलोड करने के साथ-साथ उसके स्क्रीनशॉट भी सुरक्षित रख लिए। देखते ही देखते यह मामला थाने की चौखट से निकलकर पूरे पुलिस विभाग में चर्चा और कानाफूसी का विषय बन गया।
थाने पहुंचकर दर्ज किए गए बयान, SP ने बैठाई थी गोपनीय जांच
मामला जब पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई के संज्ञान में पहुंचा, तो उन्होंने अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए। मामले की पड़ताल के लिए एक विशेष जांच टीम गठित की गई, जिसे यह तकनीकी और प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई कि ग्रुप में वीडियो किस नंबर से, कब और किन परिस्थितियों में पोस्ट किया गया। जांच टीम ने बढ़ापुर थाने पहुंचकर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से सघन पूछताछ की और उनके लिखित बयान दर्ज किए। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच पूरी कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट एसपी को सौंप दी।
जांच में दोषी पाए गए इंस्पेक्टर, एसपी ने थमाया निलंबन आदेश
जांच टीम की रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होते ही पुलिस अधीक्षक ने कड़ा रुख अपनाया और बढ़ापुर थाना प्रभारी के पद पर तैनात इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मामले में विभागीय कार्रवाई की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस जैसे अनुशासित बल में इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना आचरण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएचओ को निलंबित कर उनके खिलाफ आगे की विभागीय कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।
वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान अब भी पहेली
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आधिकारिक ग्रुप में वीडियो सर्कुलेट होने के बाद जांच पूरी कर ली गई है, लेकिन वीडियो फुटेज में दिखाई देने वाले व्यक्तियों और उसमें सुनाई देने वाली आवाजों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। साइबर और विभागीय स्तर पर इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि वीडियो कहीं किसी दुर्भावना या बाहरी स्रोत से फॉरवर्ड तो नहीं किया गया था। फिलहाल, आधिकारिक मंच पर इस तरह की सामग्री पोस्ट करने को घोर लापरवाही मानते हुए यह दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई गई है।
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