Thursday , 22 October 2026

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोटा के बाद दिल्ली से चार और आरोपी गिरफ्तार, दो युवतियों समेत सभी को आधी रात लाया गया मुंबई

बॉलीवुड स्टार टाइगर श्रॉफ पर हुई अंधाधुंध फायरिंग की सनसनीखेज वारदात में जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। राजस्थान के कोटा से तीन शूटरों की गिरफ्तारी के बाद अब देश की राजधानी दिल्ली से इस सिंडिकेट के चार और सक्रिय मददगारों को दबोच लिया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक गुप्त ऑपरेशन के तहत इन चारों संदिग्धों को हिरासत में लेकर मुंबई पुलिस की एंटी एक्सटॉर्शन सेल (AEC) के हवाले कर दिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मुंबई पुलिस सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर सीधे आर्थिक राजधानी पहुंच गई है।

देर रात 1 बजे मुंबई पहुंचे चारों आरोपी, क्राइम ब्रांच दफ्तर में मैराथन पूछताछ

ट्रांजिट रिमांड पर लिए गए चारों संदिग्धों को लेकर पुलिस का विशेष दस्ता 21 अक्टूबर की देर रात करीब 1 बजे मुंबई पहुंचा। एयरपोर्ट से सीधे उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच एंटी एक्सटॉर्शन सेल (AEC) के मुख्यालय ले जाया गया, जहां वरिष्ठ जांच अधिकारियों ने रात में ही उनसे शुरुआती पूछताछ शुरू कर दी। जांच एजेंसी अब दिल्ली और राजस्थान के कोटा से पकड़े गए नेटवर्क के बीच की कड़ियों को जोड़ने की मशक्कत कर रही है। स्पेशल सेल द्वारा पकड़े गए आरोपियों में 21 वर्षीय कुणाल और 19 वर्षीय सुमित के साथ दो युवतियां—23 वर्षीय राधा और 23 वर्षीय बबिता शामिल हैं। पुलिस की शुरुआती जांच इस बात पर केंद्रित है कि हथियार जुटाने, फंड मुहैया कराने और शूटरों को लॉजिस्टिक मदद देने में इन चारों की क्या भूमिका रही है।

आजाद मैदान के महिला लॉकअप में रखी गईं राधा और बबिता

मुंबई पहुंचते ही दोनों महिला आरोपियों—राधा और बबिता को कागजी और मेडिकल प्रक्रिया पूरी करने के बाद रात करीब 2 बजे दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान पुलिस स्टेशन स्थित विशेष महिला लॉकअप में शिफ्ट कर दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर दोनों को महिला पुलिसकर्मियों के कड़े पहरे में रखा गया है। वहीं, कुणाल और सुमित से जांच अधिकारी अन्य ठिकानों और संपर्कों को लेकर पूछताछ कर रहे हैं। मुंबई पुलिस इन सभी को मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए लंबी पुलिस कस्टडी रिमांड मांगने की तैयारी कर चुकी है।

कोटा से पकड़े गए तीनों हमलावर 31 अक्टूबर तक कस्टडी में, आमने-सामने बिठाकर होगी जिरह

इस पूरे मामले में राजस्थान की कोटा पुलिस और मुंबई क्राइम ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पहले ही तीन प्रमुख आरोपियों को दबोच लिया था। अदालत ने इन तीनों हमलावरों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज रखा है। अब जांच एजेंसियों की मुख्य रणनीति कोटा और दिल्ली से पकड़े गए आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने की है। पुलिस यह जानना चाहती है कि कोटा में पकड़े गए शूटरों और दिल्ली से गिरफ्तार हथियार/लॉजिस्टिक सप्लायरों के बीच सीधा संपर्क कैसे हुआ, उन्हें किसके जरिए निर्देश मिल रहे थे और फायरिंग की इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड कौन है।

साजिश, फंडिंग और असल मकसद… कई अनसुलझे सवालों की तलाश जारी

जैसे-जैसे मामले की परतें खुल रही हैं, जांच का दायरा कई राज्यों तक फैलता जा रहा है। अब तक की जांच में यह साफ नहीं हो सका है कि इस हमले के पीछे का मुख्य मकसद सिर्फ फिरौती के लिए दहशत फैलाना था या इसके पीछे किसी बड़े अंडरवर्ल्ड या गैंगस्टर सिंडिकेट का हाथ है। इसके अलावा, दिल्ली से गिरफ्तार दोनों युवतियों और युवकों की भूमिका क्या केवल हथियार पहुंचाने तक सीमित थी या वे रेकी करने में भी शामिल थे? पुलिस का मानना है कि दोनों गुटों के आमने-सामने होने के बाद इस हाई-प्रोफाइल हमले की पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सकेगा।

 

Check Also

शिवा शर्मा हत्याकांड: नागपुर से लखनऊ लाई गई मॉडल श्रद्धा दुबे, मकोका वाले बदमाशों के संरक्षण का शक; आज कोर्ट में पेशी

राजधानी लखनऊ के बहुचर्चित कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले …