Thursday , 22 October 2026

टाइगर श्रॉफ पर हमले से हड़कंप: जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई का कौन चला रहा खूनी सिंडिकेट? सामने आए 5 चेहरे

मुंबई/नई दिल्ली: बॉलीवुड के एक्शन स्टार टाइगर श्रॉफ पर रविवार को मुंबई के पॉश जुहू इलाके में ताबड़तोड़ फायरिंग की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इस हमले में अभिनेता बाल-बाल बच गए। वारदात की सूचना मिलते ही हरकत में आई मुंबई पुलिस ने तेजी से घेराबंदी करते हुए फायरिंग में शामिल सभी हमलावरों को दबोच लिया है। वारदात के कुछ ही देर बाद कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। गिरोह से जुड़े अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर हमले की जिम्मेदारी ली और सीधे तौर पर चेतावनी दी कि जो भी बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के साथ काम करेगा, वह उनके निशाने पर होगा। बिश्नोई गिरोह लंबे समय से सलमान खान को लगातार धमकियां देता आ रहा है।

साबरमती जेल में बंद लॉरेंस, फिर कौन चला रहा खूनी खेल? लॉरेंस बिश्नोई पिछले कई वर्षों से गुजरात की हाई-सिक्योरिटी साबरमती जेल की सलाखों के पीछे कैद है। ऐसे में देश की सुरक्षा एजेंसियों और आम जनता के जेहन में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर जेल के भीतर से यह विशाल नेटवर्क संचालित कैसे हो रहा है? जांच एजेंसियों की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि लॉरेंस के जेल में होने के बावजूद 5 प्रमुख चेहरे विदेशों और अलग-अलग ठिकानों से पूरे सिंडिकेट की कमान संभाल रहे हैं। इनमें अनमोल बिश्नोई, गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा, अनिल पंडित और टायसन बिश्नोई शामिल हैं। ये पांचों किरदार गिरोह के लिए नए गुर्गों की भर्ती, टारगेट तय करने, लॉजिस्टिक्स जुटाने और फिरौती वसूलने की पूरी रूपरेखा तैयार करते हैं।

सिंडिकेट को संचालित करने वाले 5 प्रमुख चेहरे

1. अनमोल बिश्नोई: भाई के नेटवर्क की अहम कड़ी लॉरेंस का सगा छोटा भाई अनमोल बिश्नोई गिरोह के कई हाई-प्रोफाइल अपराधों में नामजद रहा है। नवंबर 2025 में सुरक्षा एजेंसियों के प्रयास से उसे अमेरिका से डिपोर्ट कर भारत लाया गया, जहां एनआईए (NIA) ने उसे अपनी कस्टडी में लिया। वह फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। अनमोल का नाम मुंबई में एनसीपी नेता व पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी हत्याकांड, पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या और अभिनेता सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई गोलीबारी की साजिश में प्रमुखता से दर्ज है।

2. गोल्डी बराड़: अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का वांटेड चेहरा सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ बिश्नोई सिंडिकेट का सबसे खतरनाक रणनीतिकार माना जाता है। भारत सरकार द्वारा यूएपीए (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित गोल्डी बराड़ की तलाश में भारतीय खुफिया एजेंसियां इंटरपोल के जरिए जुटी हैं। वह विदेशों में बैठकर गैंग के इंटरनेशनल मॉड्यूल और हथियारों की सप्लाई चेन को नियंत्रित करता है। कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड के दौरान भी कथित तौर पर जिम्मेदारी लेने वाले एक ऑडियो से उसका नाम खूब सुर्खियों में आया था।

3. रोहित गोदारा: राजस्थान से विदेशों तक फैला नेटवर्क राजस्थान के बीकानेर जिले के लूणकरणसर का मूल निवासी रोहित गोदारा, लॉरेंस और गोल्डी का बेहद नजदीकी सिपहसालार है। माना जाता है कि वह अजरबैजान या अमेरिका जैसे मुल्कों में बैठकर गिरोह के जमीन से जुड़े शूटरों का तालमेल बिठाता है। जयपुर में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की दिनदहाड़े हत्या के बाद रोहित गोदारा ने ही सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर हत्या का दावा किया था।

4. अनिल पंडित: जबरन वसूली और माउथपीस की भूमिका हरियाणा के पानीपत जिले के रेरकलां गांव से ताल्लुक रखने वाला अनिल पंडित अमेरिका के कैलिफोर्निया से सिंडिकेट का काम संभाल रहा है। विदेश पहुंचकर उसने गैंगस्टर रणदीप मलिक और हैरी बॉक्सर से हाथ मिलाया और फिर लॉरेंस गिरोह में शामिल हुआ। जब गोल्डी और रोहित गोदारा पर एजेंसियों की कड़ी नजरें गड़ीं, तब अनिल पंडित को एक्सटॉर्शन और फायरिंग की घटनाओं को अंजाम दिलवाने का मुख्य जिम्मा सौंपा गया। वही अक्सर सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर गिरोह का प्रवक्ता बनता है।

5. टायसन बिश्नोई: ऑस्ट्रेलिया से रणनीति बनाने वाला रणनीतिकार टायसन बिश्नोई को गिरोह के रणनीतिक और ऑपरेशनल ढांचे का मजबूत स्तंभ माना जाता है। खुफिया इनपुट के अनुसार, वह ऑस्ट्रेलिया में बैठकर गैंग की आपराधिक गतिविधियों को निर्देश देता है। कनाडा के कैलगरी में ड्रग माफिया लवजीत संधू के ठिकाने पर हुई फायरिंग के बाद टायसन का नाम तेजी से उभरा था। इसके अलावा टायसन और आरजू बिश्नोई के नाम से जारी ऑडियो और पोस्ट के जरिए अभिनेता आमिर खान को भी धमकी देने का दावा सामने आ चुका है।

सिंडिकेट के बीच जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा जांच एजेंसियों के अनुसार, पुलिस की नजरों से बचने के लिए गिरोह ने अपनी कार्यप्रणाली को तीन अलग-अलग विंग में बांट रखा है:

  • ऑपरेशनल और भर्ती विंग: टायसन बिश्नोई, अनिल पंडित और हैरी बॉक्सर नए शूटरों की भर्ती, ट्रेनिंग और असलहे मुहैया कराने का काम देखते हैं।

  • प्लानिंग और फंडिंग विंग: आरजू बिश्नोई, शुभम लोनकर और रणदीप मलिक का सिंडिकेट हवाला कारोबार, जबरन वसूली और फंडिंग का पूरा लेखा-जोखा संभालता है।

  • माउथपीस (मुख्य प्रवक्ता): अनिल पंडित गिरोह की ओर से सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने, धमकियां देने और संदेश प्रसारित करने का काम करता है।

 

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