उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (एमएलसी) की शिक्षक और स्नातक सीटों पर होने वाले मतदान से ठीक पहले सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जो अफसर चुनाव में निष्पक्षता छोड़कर सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता की तरह काम करेंगे, वे सत्ता बदलते ही जेल जाने के लिए तैयार रहें। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव आयोग और प्रशासन की जिम्मेदारी पारदर्शी व निष्पक्ष चुनाव कराने की है, न कि वोट चोरी में मदद करने की।
अफसर पार्टी वर्कर बने तो बचेंगे नहीं, पर्याप्त सबूत मौजूद
लखनऊ के मोहान रोड (काकोरी) स्थित अभिनंदन रिसॉर्ट में मलिहाबाद के पूर्व सपा प्रत्याशी सोनू कनौजिया के पिता स्व. राम गोपाल कनौजिया को श्रद्धांजलि देने पहुंचे अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत में तेवर कड़े रखे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निष्पक्ष होकर अपनी ड्यूटी निभानी चाहिए। बहुत से अफसरों के खिलाफ धांधली और भ्रष्टाचार के ऐसे पुख्ता तथ्य मौजूद हैं, जो उन्हें सलाखों के पीछे भेजने के लिए पर्याप्त होंगे। उन्होंने अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि आज नहीं तो कल जब भी व्यवस्था बदलेगी, कानून और न्याय के हाथों से कोई दोषी अधिकारी बच नहीं पाएगा।
डीआईओएस और बीएसए पर शिक्षकों को धमकाने का आरोप
सपा सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी बिना हेराफेरी और बेईमानी के कोई भी चुनाव नहीं जीत सकती। उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव में शिक्षा विभाग के अफसरों पर दबाव बनाकर धांधली कराई जा रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) फोन करके शिक्षकों को डरा-धमका रहे हैं। शिक्षा विभाग में हुए कथित भ्रष्टाचार और तबादलों में वसूली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन अनियमितताओं की जांच से कोई बच नहीं पाएगा।
मंत्रियों के पास कैसे पहुंची गोपनीय वोटर लिस्ट?
अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के दुरुपयोग का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि जब आधिकारिक वोटर लिस्ट आम लोगों या विपक्षी दलों के पास नहीं है, तो भाजपा नेताओं और मंत्रियों तक यह डेटा कैसे पहुंचा? उन्होंने आरोप लगाया कि किसी निजी एजेंसी को हायर करके मंत्रियों की आवाज में मतदाताओं को सीधे वॉयस कॉल कराई जा रही है। उन्होंने डिप्टी सीएम के नाम से आ रही कॉल्स की तरफ इशारा करते हुए कहा कि यह डेटा की सेंधमारी के बिना संभव नहीं है। सपा प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने और ऐसी सभी कॉल्स व गड़बड़ियों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की अपील की।
एसआईआर गणना में भारी फर्जीवाड़ा, आयोग की चूक पर प्रहार
मतदाता सूची की खामियों पर प्रहार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी-भरकम खर्च और 29 बीएलओ (BLO) की जान जाने के बाद तैयार हुई एसआईआर व्यवस्था के बावजूद एक ही व्यक्ति के 4 से 10 वोट दर्ज मिल रहे हैं। उन्होंने तंज कसा कि निर्वाचन आयोग इसे ‘छोटी-मोटी गलती’ बताकर पल्ला झाड़ रहा है, जबकि यह बेहद गंभीर और बड़ी लापरवाही है। उन्होंने इसे पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) प्रहरियों की सक्रियता बताया कि चुनाव आयोग को भी अपनी कमियां स्वीकारनी पड़ रही हैं।
एलडीए को बताया भ्रष्टाचार का अड्डा, सनातन पर दी नसीहत
अखिलेश यादव ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) पर निशाना साधते हुए कहा कि यह विभाग केवल भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का अड्डा बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि सत्ता बचाने की जुगत में लगी भाजपा आस्था और परंपराओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि जो भेदभाव करता है, सच से मुंह मोड़ता है और दूसरों के प्रति द्वेष रखता है, वह सच्चा सनातनी नहीं हो सकता।
सपा के एमएलसी प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान की अपील
अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को भारी मतों से विजयी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने स्नातक व शिक्षक दोनों क्षेत्रों के अधिकृत उम्मीदवारों के नामों का उल्लेख किया:
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स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: आगरा-अलीगढ़ से शशांक यादव, लखनऊ से कांति सिंह, इलाहाबाद-झांसी से डॉ. मान सिंह, वाराणसी-मिर्जापुर से आशुतोष सिन्हा और मेरठ-सहारनपुर से प्रमेन्द्र सिंह।
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शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: आगरा-अलीगढ़ से डॉ. आकाश अग्रवाल, लखनऊ से सुशील पटेल, गोरखपुर-फैजाबाद से डॉ. संजयन त्रिपाठी, बरेली-मुरादाबाद से हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर, वाराणसी-मिर्जापुर से लाल बिहारी यादव और मेरठ-गाजियाबाद से नितिन तोमर।
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