
राजधानी लखनऊ के बहुचर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में पुलिस और यूपी एसटीएफ (UP STF) को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। वारदात के 11 दिन बाद मामले की मुख्य अभियुक्त श्रद्धा दुबे को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने श्रद्धा के साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और उनके निजी ड्राइवर को भी नागपुर के एक फ्लैट से हिरासत में लिया है। दोनों बहनों पर पुलिस ने 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस अब आरोपियों को कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाने की तैयारी में जुटी है।
बुर्का पहनकर आगरा से नागपुर पहुंची, लीगल रिलीफ की तलाश में थी आरोपी
जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए श्रद्धा दुबे लगातार पहचान छिपाकर भाग रही थी। वह अपनी बहन और ड्राइवर के साथ बुर्का पहनकर सफर कर रही थी, ताकि रास्तों और टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों से बचा जा सके। वे सड़क मार्ग के जरिए आगरा होते हुए नागपुर पहुंचे थे, जहां एक परिचित के फ्लैट में उनके ठहरने का इंतजाम किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, नागपुर में छिपकर श्रद्धा अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) हासिल करने की कानूनी जुगत में लगी हुई थी, लेकिन अदालत से राहत मिलने से पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गई।
यूपी एसटीएफ की सटीक ट्रैकिंग और नागपुर में संयुक्त रेड
फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लखनऊ पुलिस के साथ यूपी एसटीएफ को भी लगाया गया था। एसटीएफ ने तकनीकी सर्विलांस और सटीक इनपुट के आधार पर श्रद्धा की लोकेशन नागपुर में ट्रेस की। लोकेशन कन्फर्म होते ही टीम तुरंत नागपुर के लिए रवाना हो गई। इसके बाद नागपुर पुलिस के सहयोग से चिन्हित फ्लैट पर दोपहर के वक्त सुनियोजित छापेमारी की गई और तीनों को एक साथ दबोच लिया गया। हालांकि मामले की अग्रिम विवेचना लखनऊ पुलिस द्वारा ही की जाएगी।
नेपाल से लखनऊ आकर दिया था बयान, 11 दिन बाद खत्म हुआ खेल
वारदात के बाद से ही श्रद्धा दुबे पुलिस को लगातार चकमा दे रही थी। वह घटना के तुरंत बाद सीमा पार कर नेपाल चली गई थी। इसके बाद वह दोबारा गुपचुप तरीके से लखनऊ लौटी, जहां उसने एक टीवी चैनल को अपना बयान दिया और पुलिस के पहुंचने से पहले ही फिर फरार हो गई। बीते 11 दिनों से जारी इस चूहे-बिल्ली के खेल पर आखिरकार पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई ने विराम लगा दिया।
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