Tuesday , 20 October 2026

यूपी वोटर लिस्ट पर बड़ा एक्शन: डुप्लीकेट मतदाताओं पर चुनाव आयोग सख्त, CEO नवदीप रिणवा की दो टूक- लापरवाही पर नपेंगे अफसर; 12 नवंबर को आएगी ड्राफ्ट सूची

उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद भी मतदाता सूची में डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम सामने आने पर उठे विवाद के बीच निर्वाचन आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर दोहरी प्रविष्टियों को तत्काल हटाने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि मतदाता सूची में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसा पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की सीधी जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फॉर्म-7 के जरिए कटेगा दोहरा नाम, BLO को मिली जिम्मेदारी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची को पूरी तरह से पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की जाए। जिन मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं, उन्हें चिह्नित कर नियमानुसार फॉर्म-7 भरवाया जाए और प्राथमिकता के आधार पर दोहरी प्रविष्टियों का निराकरण किया जाए। बैठक में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) को मतदाता सूची से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा करने और तय समय सीमा के भीतर सभी विसंगतियों को दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

12 नवंबर को प्रकाशित होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची

सीईओ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी 12 नवंबर को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे, इसके लिए सभी आवश्यक बदलाव समय रहते पूरे कर लिए जाएं। ईआरओ-नेट (ERONet) और अन्य तकनीकी प्रणालियों को लेकर यदि कोई नया अपडेट या प्रक्रियात्मक जानकारी हो, तो वह बीएलओ तक अनिवार्य रूप से पहुंचाई जाए और उन्हें विधिवत प्रशिक्षण भी दिया जाए।

24 अक्टूबर को विशेष अभियान: नए नाम जोड़ने में प्रधान और सभासद करेंगे मदद

आयोग ने यह भी संज्ञान में लिया है कि कई विधानसभा क्षेत्रों में अभी भी बड़ी संख्या में योग्य नागरिक मतदाता बनने से छूटे हुए हैं। ऐसे सभी पात्र नागरिकों को चिह्नित कर उनके नाम सूची में शामिल कराने के लिए आगामी 24 अक्टूबर को प्रदेश भर में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs), बूथ लेवल एजेंटों (BLA), नगर निकायों के सभासदों और ग्राम प्रधानों का सक्रिय सहयोग लेने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि राज्य के कई जिलों में डुप्लीकेट मतदाताओं के मामले सामने आने के बाद विपक्ष ने आयोग की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद आयोग ने पूरी प्रक्रिया को चाक-चौबंद करने के लिए यह कड़ा कदम उठाया है।

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