Monday , 19 October 2026

चतरा में रूह कंपा देने वाली वारदात: 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या, शव पेड़ से लटकाया; 2 लड़कियों समेत 5 नाबालिग हिरासत में

झारखंड के चतरा जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदगी के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई। सनसनीखेज पहलू यह है कि इस जघन्य वारदात को मृतका के ही तीन नाबालिग दोस्तों ने अंजाम दिया। आरोपियों ने मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो देखने के बाद इस खौफनाक कदम को उठाया। वारदात को छिपाने और हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए आरोपियों ने बच्ची के शव को जंगल में तौलिए के सहारे एक पेड़ से लटका दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना में शामिल तीन लड़कों और उनकी मदद करने वाली दो लड़कियों सहित कुल पांच नाबालिगों को हिरासत में ले लिया है।

लावालौंग के जंगल में फंदे से लटका मिला था शव, मौके से मिला मोबाइल

यह दिल दहला देने वाली घटना चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र की है। 16 अक्टूबर को स्थानीय जंगल में पेड़ से लटकता हुआ बच्ची का शव बरामद किया गया था। शव मिलने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल की सघन तलाशी ली, जहां से एक लावारिस मोबाइल फोन बरामद हुआ। पुलिस ने जब मोबाइल की पड़ताल शुरू की, तो उसकी इंटरनेट सर्च हिस्ट्री में अश्लील वीडियो देखे जाने के पुख्ता प्रमाण मिले। इसी तकनीकी सुराग के आधार पर पुलिस मोबाइल धारक नाबालिग लड़के तक पहुंची और पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं।

एसपी अनीमेष नैथानी का खुलासा: दुष्कर्म के बाद घोंटा गला, फिर पेड़ से टांगा

चतरा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनीमेष नैथानी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मृत बच्ची के ही तीन नाबालिग साथियों पर दुष्कर्म और उसके बाद गला दबाकर हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मुख्य तीन आरोपियों सहित उनकी मदद करने के आरोप में दो नाबालिग लड़कियों को भी पकड़ा है। एसपी के अनुसार, वारदात को आत्महत्या की शक्ल देने के मकसद से ही आरोपियों ने एक तौलिए का फंदा बनाकर शव को पेड़ की डाल से लटका दिया था ताकि जांच को भटकाया जा सके।

सुनसान जगह पर देखे थे अश्लील वीडियो, फिर रची खौफनाक साजिश

पुलिस की कड़ी पूछताछ में पकड़े गए नाबालिगों ने खौफनाक सच उगल दिया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि 16 अक्टूबर को वे सभी एक सुनसान इलाके में इकट्ठा हुए थे, जहां उन्होंने फोन पर अश्लील कंटेंट देखा। इसके बाद उनकी नीयत बिगड़ी और उन्होंने अपनी ही नाबालिग सहेली को शिकार बना डाला। घटनास्थल पर छूटा मोबाइल फोन ही पुलिस के लिए सबसे अहम सुराग साबित हुआ, जिसके डिजिटल फुटप्रिंट्स ने चंद घंटों के भीतर आरोपियों को बेनकाब कर दिया।

पिता की शिकायत पर BNS और पॉक्सो एक्ट में एफआईआर दर्ज

इस दर्दनाक घटना के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मृतका के पिता के लिखित बयान के आधार पर 17 अक्टूबर को औपचारिक केस दर्ज कर लिया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) की गंभीर धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस सभी पांचों निरूद्ध नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजने और मामले में चार्जशीट दाखिल करने की विधिक प्रक्रिया पूरी कर रही है।

 

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