Monday , 19 October 2026

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: पुणे नहीं, इस बार दिल्ली-पंजाब मॉड्यूल का हुआ इस्तेमाल? अनमोल बिश्नोई के करीबियों के नाम से मची सनसनी

मुंबई के पॉश जुहू इलाके में रविवार (18 अक्टूबर) की शाम बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए ताबड़तोड़ हमले ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। अभिनेता की गाड़ी पर कई राउंड गोलियां दागी गईं, जिसमें उनके निजी ड्राइवर और पास मौजूद एक ऑटो चालक को गोली लगी। इस सनसनीखेज वारदात की कथित जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित और हरमन सिंधू (हरविंदर संधू) ने ली है। इस घटनाक्रम में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला पहलू यह सामने आ रहा है कि वारदात में बिश्नोई सिंडिकेट के ‘दिल्ली और पंजाब मॉड्यूल’ का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। अब तक मुंबई में सक्रिय रहे पारंपरिक नेटवर्क के बजाय उत्तरी राज्यों के शूटरों की मौजूदगी ने पुलिस और खुफिया एजेंसियों को नए सिरे से रणनीति बनाने पर मजबूर कर दिया है।

पुणे मॉड्यूल के बजाय दिल्ली-पंजाब नेटवर्क पर क्यों टिकी सुई?

मुंबई में इससे पहले हुईं टारगेटेड फायरिंग की वारदातों में अमूमन बिश्नोई गैंग के ‘पुणे मॉड्यूल’ का हाथ सामने आता रहा है, जिसका कथित सरगना शुभम लोंकर माना जाता है। चाहे अक्टूबर 2024 की फायरिंग का मामला हो या फिर अभिनेता रोहित शेट्टी और भोजपुरी स्टार पवन सिंह को दी गई धमकियों का प्रकरण, हर बार शुभम लोंकर से जुड़े गुर्गों की सक्रियता देखी गई थी।

मगर टाइगर श्रॉफ पर हमले के मामले में पहली बार अनिल पंडित और हरविंदर संधू के नाम उभरकर सामने आए हैं। सूत्रों के मुताबिक, ये दोनों लॉरेंस बिश्नोई के विदेश में बैठे छोटे भाई अनमोल बिश्नोई के बेहद करीबी बताए जा रहे हैं। दोनों ने कथित तौर पर अनमोल के नाम पर ही इस हमले की जिम्मेदारी ली है। पुलिस अब इस बिंदु की तहकीकात कर रही है कि आखिर महाराष्ट्र के लोकल पुणे मॉड्यूल को दरकिनार कर दिल्ली और पंजाब के नेटवर्क को मुंबई में क्यों उतारा गया।

क्राइम ब्रांच के सामने 6 अनुत्तरित सवाल, स्लीपर सेल की तलाश तेज

मुंबई क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस इस हाई-प्रोफाइल हमले के हर बारीक पहलू की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। तफ्तीश के दौरान जांच अधिकारियों के सामने कई बड़े सवाल खड़े हैं:

  • क्या गाड़ी पर अंधाधुंध गोलियां बरसाने वाले हमलावर पहले से ट्रेंड प्रोफेशनल शूटर थे?

  • वारदात को अंजाम देने के लिए शूटर जुहू में कितने दिन पहले दाखिल हुए थे?

  • क्या हमलावरों ने रेकी के मकसद से नेहरू नगर या सांताक्रूज जैसे नजदीकी इलाकों में किराए पर कमरा लिया था?

  • मुंबई में शूटरों को पल्सर मोटरसाइकिल, अवैध हथियार और नकदी किसने मुहैया कराई?

  • महानगर में इस पूरी साजिश को जमीन पर उतारने के लिए लोकल स्तर पर लॉजिस्टिकल सपोर्ट किसने दिया?

  • क्या मुंबई में बिश्नोई गैंग का कोई नया स्लीपर सेल या स्थानीय संपर्क सक्रिय हो चुका है?

हथियार, बाइक और फंडिंग के लोकल लिंक्स खंगाल रही फॉरेंसिक टीम

तफ्तीश में जुटी पुलिस टीमें इस बात की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कर रही हैं कि गोलीबारी में इस्तेमाल किए गए असलहे देसी थे या अत्याधुनिक विदेशी हथियार। इसके अलावा आरोपियों को सेकंड हैंड मोटरसाइकिल बेचने वाले, उन्हें आर्थिक मदद (फंडिंग) पहुंचाने वाले और मुंबई में पनाह देने वाले संदिग्ध मददगारों की पहचान की जा रही है।

क्राइम ब्रांच की रडार पर विदेश में बैठे शुभम लोंकर और जीशान अख्तर भी हैं, ताकि यह साफ हो सके कि क्या इस नई साजिश में उनकी कोई परोक्ष भूमिका थी। फिलहाल जांच एजेंसियां दिल्ली और पंजाब मॉड्यूल के दावों, सोशल मीडिया पर ली गई जिम्मेदारी और स्थानीय मददगारों के नेटवर्क की सत्यता परखने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही हैं।

 

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