
चंडीगढ़: पंजाब के प्रमुख शहरों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। राज्य में एक तरफ जहां मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पोलिंग बूथों की संख्या में इजाफा किया गया है, वहीं दूसरी तरफ बड़े औद्योगिक और शहरी केंद्रों में लाखों वोट कटने का मामला सामने आया है। मतदाता सूची में हुए इस व्यापक फेरबदल से आम आदमी पार्टी (AAP), कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) समेत सभी प्रमुख दलों के सियासी समीकरण और चुनावी गणित पर गहरा प्रभाव पड़ने की संभावना है।
लुधियाना समेत इन शहरों में सबसे ज्यादा कटे वोट विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य के पांच बड़े जिलों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं:
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लुधियाना: 4.16 लाख मतदाता
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अमृतसर: 2.42 लाख मतदाता
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जालंधर: 1.84 लाख मतदाता
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मोहाली: 1.53 लाख मतदाता
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पटियाला: 1.38 लाख मतदाता
सियासी दलों के चुनावी गणित पर पड़ सकता है सीधा असर मतदाताओं की संख्या में यह कटौती आगामी चुनावों में हार-जीत के अंतर को पूरी तरह बदल सकती है। साल 2022 के विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने लुधियाना जिले की 14 में से 13 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी, जबकि 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने लुधियाना संसदीय क्षेत्र के 9 विधानसभा क्षेत्रों में से 5 में बढ़त बनाई थी। लुधियाना, जालंधर और मोहाली जैसे औद्योगिक केंद्रों में उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों से आए प्रवासी श्रमिकों की बड़ी तादाद है। यदि सूची से कटे नामों में इन प्रवासी कामगारों की हिस्सेदारी अधिक होती है, तो इसका सीधा प्रभाव उन दलों पर पड़ सकता है जिनका यहां पारंपरिक वोट बैंक रहा है।
राज्य में बढ़े 879 नए पोलिंग बूथ, अमृतसर और लुधियाना सबसे आगे वोट कटने के बीच चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों के युक्तिकरण पर भी बड़ा कदम उठाया है। पंजाब में पोलिंग बूथों की कुल संख्या 24,453 से बढ़ाकर अब 25,332 कर दी गई है, यानी राज्य में 879 नए बूथ जोड़े गए हैं। मतदाताओं के संतुलन और केंद्रों की दूरी को सुगम बनाने के लिए अमृतसर में सबसे ज्यादा 106 और लुधियाना में 104 नए पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा के अनुसार, यह कदम बूथों पर मतदाताओं की संख्या को संतुलित करने और भीड़ कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने बताया कि घर-घर सर्वे के साथ-साथ सभी मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया गया है ताकि रैंप, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।
अकाली दल ने प्रक्रिया को बताया सही, चुनाव आयोग का किया समर्थन शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री दलजीत सिंह चीमा ने पुनरीक्षण प्रक्रिया का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में कटे 13 लाख वोट नियमों के तहत सही तरीके से हटाए गए हैं और अकाली दल को इस पूरी कवायद को लेकर कोई आपत्ति नहीं है। चीमा ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग ने प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों को पूरी जानकारी दी थी, इसलिए यदि प्रक्रिया पारदर्शी और नियमानुसार पूरी हुई है तो बेवजह सवाल खड़े करना उचित नहीं है।
आप बोली- डाटा का अध्ययन जारी, कांग्रेस ने दर्ज कराए कड़े ऐतराज आम आदमी पार्टी का कहना है कि पंजाब में अधिकारियों और कर्मचारियों ने निष्पक्षता से काम किया है और किसी भी स्तर पर मशीनरी के दुरुपयोग की गुंजाइश नहीं रहने दी गई। आप के प्रदेश महासचिव बलतेज सिंह पन्नू ने बताया कि हाल ही में जारी हुए इस डाटा का पार्टी गहन अध्ययन कर रही है, जिसके बाद विस्तृत प्रतिक्रिया दी जाएगी।
दूसरी ओर, पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने साफ किया कि कांग्रेस ने SIR को लेकर कई लिखित आपत्तियां और सुझाव आयोग को सौंपे हैं। उन्होंने उन दावों को खारिज किया कि पार्टी इस प्रक्रिया से पूरी तरह संतुष्ट है। परगट सिंह के मुताबिक, पार्टी को उम्मीद है कि आयोग उनकी दर्ज आपत्तियों पर संज्ञान लेकर उचित कदम उठाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने दोहराया है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान सभी मान्यता प्राप्त दलों को विश्वास में रखा गया और प्राप्त शिकायतों व आपत्तियों का समय पर निवारण किया गया है।
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