Thursday , 15 October 2026

जंतर-मंतर पर CEC के इस्तीफे की मांग कर रहे CJP नेताओं पर बड़ा एक्शन, दिल्ली पुलिस ने आधी रात के बाद तीन को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में विरोध-प्रदर्शन को लेकर सियासत और कानूनी खींचतान गरमा गई है। दिल्ली पुलिस ने बुधवार तड़के कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन प्रमुख नेताओं—सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा कर पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इससे ठीक एक दिन पहले, मंगलवार को प्रतिबंधित घोषित किए जा चुके जंतर-मंतर क्षेत्र में बिना अनुमति दाखिल होने को लेकर दिल्ली पुलिस ने इन नेताओं समेत CJP के अन्य कार्यकर्ताओं पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी।

वकीलों से मिलने नहीं देने का आरोप, तिहाड़ जेल भेजे जाने की संभावना रत्ना सिंह ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर मामले में तीनों नेताओं को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके खिलाफ बिना अनुमति निषेध क्षेत्र में प्रवेश करने, मुचलके (बॉन्ड) की शर्तों का उल्लंघन करने और सरकारी कामकाज में रुकावट डालने जैसी गंभीर धाराएं लगाई हैं। पार्टी की ओर से यह भी दावा किया गया कि नेताओं को देर रात तक अपने कानूनी सलाहकारों या वकीलों से मिलने की इजाजत नहीं दी गई। उन्हें तड़के करीब 3 बजे एक निजी वैन के जरिए पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने लाया गया। रत्ना सिंह के मुताबिक, इन कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाइयों के बावजूद नेताओं के हौसले पूरी तरह बुलंद हैं और सुबह उन्हें स्पेशल एग्जिक्युटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजे जाने के पूरे आसार हैं।

बैरिकेडिंग तोड़ मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर अड़े थे एक्टिविस्ट दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई उस वक्त शुरू हुई जब मंगलवार सुबह इन कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर लगी कड़ी सुरक्षा और भारी बैरिकेडिंग को पार कर भीतर प्रवेश कर लिया। वहां प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। इसके तुरंत बाद पुलिस ने इलाके में लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में सौरभ दास, आशुतोष रांका और अन्य सदस्यों को हिरासत में लेकर डिटेंशन सेंटर भेज दिया। कानूनी प्रावधानों के तहत 24 घंटे की तय मियाद खत्म होने से पहले ही इस डिटेंशन को प्रिवेंटिव अरेस्ट (एहतियातन गिरफ्तारी) में तब्दील कर दिया गया।

कोर्ट में इस बार तय हो सकती हैं सख्त शर्तें तीनों नेताओं को सुबह स्पेशल एग्जिक्युटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस अदालत को यह भी अवगत कराएगी कि सौरव दास और आशुतोष रांका ने पूर्व में मिली जमानत की शर्तों की अवहेलना की है। दरअसल, महज चार दिन पहले ही दोनों नेताओं को SEM कोर्ट से सशर्त जमानत हासिल हुई थी। बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन को आधार बनाते हुए पुलिस इस बार अदालत से सख्त कदम उठाने की मांग करेगी, जिससे अदालत की ओर से इस बार जमानत को लेकर बेहद कड़ी शर्तें तय की जा सकती हैं।

वोटर लिस्ट के ‘SIR’ को लेकर छिड़ा विवाद, जंतर-मंतर पर पाबंदी के बाद टकराव राजधानी में यह पूरा गतिरोध वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) में कथित तौर पर हुई अनियमितताओं को लेकर उपजा है। CJP और कई अन्य संगठनों ने इस मुद्दे पर सिलसिलेवार विरोध प्रदर्शनों का ऐलान किया था, जिसके बाद से दिल्ली भर में सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई थी। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को एक नया आदेश जारी कर विरोध प्रदर्शनों के लिए केवल रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी (CBD) ग्राउंड को ही अधिकृत स्थल घोषित किया था और जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर कर दिया था। CJP ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया है कि देश के मुख्य राजनीतिक केंद्र से प्रदर्शनों को दूर ले जाना जनता की लोकतांत्रिक असहमति और विरोध की आवाज को दबाने की सोची-समझी कोशिश है।

 

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