Thursday , 15 October 2026

बिहार में बड़ा हादसा: वैशाली में गंगा नदी में समाई जर्जर नाव, श्राद्ध का भोज खाने जा रहे 13 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत; गांव में मचा कोहराम

वैशाली/राघोपुर: बिहार के वैशाली जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की जलसमाधि हो गई। यह भीषण हादसा राघोपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर श्यामचंद गांव के समीप मंगलवार शाम उस वक्त हुआ, जब एक टोले के करीब 20 से 22 बच्चे गंगा पार कर श्राद्ध का भोज खाने जा रहे थे। देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातम पसर गया। जान गंवाने वाले सभी बच्चों की उम्र 15 वर्ष से कम बताई जा रही है।

भोज खाने निकले थे मासूम, बीच नदी में हुआ खौफनाक मंजर रामपुर श्यामचंद गांव निवासी सिंगेश्वर राय की पुत्री के निधन के बाद मंगलवार को श्राद्ध कार्यक्रम आयोजित था। गांव के बच्चे नाव पर सवार होकर भोज में शामिल होने के लिए नदी पार कर रहे थे। नाव अभी कुछ ही दूरी तक बढ़ी थी कि गंगा की लहरों के बीच डगमगाने लगी और देखते ही देखते गहरे पानी में समा गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह नाव काफी पहले बाढ़ के समय प्रशासन की ओर से गांव को मुहैया कराई गई थी। नाव लंबे समय से जर्जर स्थिति में थी, जिसे ग्रामीण खुद ही किसी तरह मरम्मत कर चला रहे थे। हादसे की वजह नाव में दरार आने से पानी भरना या क्षमता से अधिक बच्चों का सवार होना माना जा रहा है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

हाहाकार के बीच 13 शव बरामद, खाट पर लादकर ले जाए गए घायल हादसे की खबर फैलते ही गंगा किनारे परिजनों और ग्रामीणों का तांता लग गया। आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से अनुष्का कुमारी, कार्तिक और पुटुस कुमार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन 13 मासूमों को नहीं बचाया जा सका। मृतकों की शिनाख्त मीरा कुमारी, निशु कुमारी, अनिशा कुमारी, सुनीता कुमारी, आर्यन कुमार, मोहन कुमार, अमृता कुमारी, अंकिता कुमारी, पिंकी कुमारी, नमन कुमार, सिकी कुमारी, भोनू कुमारी और सोनम कुमारी के रूप में की गई है। वहीं लगभग आधा दर्जन घायल बच्चों को गंभीर हालत में पटना रेफर किया गया। इलाके में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल तब खुल गई जब मौके पर एंबुलेंस कम पड़ गईं और मजबूर ग्रामीण अपनों को खाट पर लादकर अस्पताल ले जाते दिखाई दिए।

प्रशासनिक महकमे में हड़कंप, परिजनों के गुस्से का फूटा गुबार घटना की भनक लगते ही वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने पूरे प्रशासनिक अमले को हरकत में ला दिया। मौके पर एसडीआरएफ की टीम के साथ सदर एसडीओ विशाल कुमार, एसडीपीओ सुबोध कुमार और वरीय पुलिस अधिकारी शुभांक मिश्रा पहुंचे और बचाव कार्य को गति दी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राघोपुर में शवों के पहुंचते ही परिजनों का क्रंदन देख हर आंख नम हो गई। उधर, बच्चों की असमय मौत से बौखलाए ग्रामीणों ने मौके पर पहुंची डीएम वर्षा सिंह और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस बल ने स्थिति को संभालते हुए शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई।

मुआवजे का ऐलान, पर परिजनों के मन में तैर रहे अनसुलझे सवाल राज्य सरकार ने इस हृदयविदारक हादसे में मृत बच्चों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। सरकारी इमदाद के ऐलान के बावजूद पीड़ित परिवारों का विलाप थमने का नाम नहीं ले रहा है। रामपुर श्यामचंद गांव के हर घर में चूल्हा बुझा पड़ा है और ग्रामीण यही सवाल दाग रहे हैं कि अगर सरकारी तंत्र ने समय रहते जर्जर नावों की सुध ली होती और सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए होते, तो शायद आज ये 13 मासूम खिलखिलाते चेहरे असमय काल के गाल में न समाते।

 

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