Friday , 23 October 2026

गुजरात: मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में 6 दिन में दूसरे छात्र ने दी जान, ABVP के उग्र प्रदर्शन पर पुलिस का लाठीचार्ज और आंसू गैस; कई घायल

राजकोट। गुजरात के राजकोट स्थित मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग के एक छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद शुक्रवार को जबरदस्त हंगामा खड़ा हो गया। छात्र की मौत के विरोध में यूनिवर्सिटी परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए और प्रदर्शनकारियों व पुलिस कर्मियों के बीच तीखी झड़प हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने छात्रों पर बर्बरता से लाठीचार्ज भी किया, जिसमें कई कार्यकर्ता लहूलुहान हो गए। घायलों को तुरंत पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पूरे कैंपस को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

6 दिनों के भीतर परिसर में खुदकुशी की दूसरी घटना

विश्वविद्यालय परिसर में शुक्रवार को 20 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र ने इमारत से छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक छात्र की पहचान आंध्र प्रदेश निवासी हेमनाथ के रूप में हुई है। वह कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग) के पांचवें सेमेस्टर का होनहार छात्र था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि महज छह दिनों के भीतर इस कैंपस में छात्र द्वारा खुदकुशी करने का यह दूसरा दिल दहला देने वाला मामला है, जिससे अन्य विद्यार्थियों और अभिभावकों में भारी खौफ है।

बीमारी और सर्जरी से जूझ रहा था मृतक छात्र

शुरुआती पुलिस जांच में सामने आया है कि हेमनाथ बीते कुछ समय से अपनी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर गहरे मानसिक तनाव में था। हाल ही में उसकी कुछ सर्जरी भी हुई थीं। पूछताछ में सहपाठियों ने खुलासा किया कि हेमनाथ ने अपने रूममेट के साथ अपनी बीमारी और दर्द को साझा किया था। उसने अपने साथी से यह भी कहा था कि यदि उसकी सेहत में सुधार नहीं हुआ तो वह अपनी जान दे देगा। हालांकि, पुलिस को घटनास्थल या छात्र के कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।

19 सितंबर को 10वीं मंजिल से गिरकर छात्रा की हुई थी मौत

इस ताजा घटना से ठीक पहले 19 सितंबर को इसी यूनिवर्सिटी की 19 वर्षीय छात्रा अल्ला वेंकट सौभाग्य वर्षिता की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। आंध्र प्रदेश की ही रहने वाली वर्षिता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस के तीसरे सेमेस्टर में पढ़ाई कर रही थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, छात्रा हॉस्टल की 10वीं मंजिल से नीचे गिर गई थी। उस मामले में भी मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था। एक ही हफ्ते में दो विद्यार्थियों की इस तरह हुई मौतों ने प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

न्याय की मांग को लेकर उग्र हुआ छात्र आंदोलन

शुक्रवार को छात्र की मौत की खबर फैलते ही एबीवीपी कार्यकर्ता भारी संख्या में यूनिवर्सिटी परिसर में एकत्र हो गए और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारी छात्रों की मौतों की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग पर अड़े थे। इस बीच जब पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो दोनों पक्षों में भारी टकराव हो गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ पर काबू पाने के लिए टियर गैस के गोले छोड़े। छात्रों का सीधा आरोप है कि पुलिस ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठियां बरसाईं, जिससे कई कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आईं।

कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात, माहौल तनावपूर्ण

पुलिसिया कार्रवाई में घायल हुए छात्रों को उपचार के लिए नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद से मारवाड़ी यूनिवर्सिटी परिसर में सन्नाटा और भारी तनाव पसरा हुआ है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए विश्वविद्यालय के हर मुख्य द्वार और संवेदनशील जगहों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन मामले के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रहा है और यूनिवर्सिटी के माहौल पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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