Wednesday , 16 September 2026

लंदन का शानदार करियर छोड़ बनी थीं IAS, अब छोड़ा प्रशासनिक पद: तेजतर्रार अफसर दिव्या मित्तल का इस्तीफा मंजूर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित और सख्त छवि वाली आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने मंजूर कर लिया है। वर्ष 2013 बैच की इस वरिष्ठ अधिकारी ने 30 अगस्त को अपने पद से हटने की घोषणा की थी, जो 15 सितंबर से औपचारिक रूप से प्रभावी हो गया है। उन्होंने अपने इस फैसले के पीछे व्यक्तिगत कारणों, पारिवारिक जिम्मेदारियों और जीवन के नए लक्ष्यों को मुख्य वजह बताया है।

आईआईटी, आईआईएम और लंदन के करियर को छोड़ चुनी थी सिविल सेवा आईएएस बनने से पहले दिव्या मित्तल ने आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु जैसे देश के शीर्ष संस्थानों से उच्च शिक्षा हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने लंदन में एक प्रतिष्ठित और आकर्षक नौकरी की। कॉरपोरेट जगत में सफलता के बावजूद देश सेवा के उद्देश्य से उन्होंने विदेश की नौकरी छोड़ी और भारत लौटकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयन के बाद, उन्होंने दूसरे प्रयास में 2013 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) हासिल की। गौरतलब है कि उनके पति गगनदीप सिंह ने भी वर्ष 2022 में अपनी सरकारी सेवा त्यागकर निजी क्षेत्र में उद्यमिता की राह चुनी थी।

मिर्जापुर में 75 साल बाद पहुंचाया पानी, सख्त कार्यशैली की पहचान दिव्या मित्तल की गिनती उत्तर प्रदेश के बेहद सख्त, बेबाक और परिणाम देने वाले अधिकारियों में होती रही है। बस्ती, मिर्जापुर और देवरिया जैसे जनपदों में बतौर जिलाधिकारी (DM) उनकी तैनाती जनहित के बड़े फैसलों के लिए जानी जाती है। विशेषकर मिर्जापुर में वर्षों से पानी की समस्या से जूझ रहे क्षेत्र में आजादी के 75 साल बाद पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराना उनके कार्यकाल का सबसे चर्चित काम रहा। इस्तीफा स्वीकार होने के उपरांत उन्होंने सोशल मीडिया पर महाकवि जयशंकर प्रसाद की प्रसिद्ध पंक्ति “प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो” साझा करते हुए अपने नए सफर की ओर कदम बढ़ाने के संकेत दिए हैं।

इस्तीफे पर शुरू हुई थी सियासी बयानबाजी दिव्या मित्तल के इस्तीफे की खबर सामने आते ही उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भी बयानबाजी तेज हो गई थी। समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि मौजूदा व्यवस्था में ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अफसरों को स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं करने दिया जा रहा है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इस प्रकरण को लेकर राज्यपाल को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की थी और यह भी संकेत दिया था कि यदि दिव्या मित्तल कांग्रेस के मंच से चुनावी राजनीति में आना चाहें तो पार्टी उनके नाम पर सकारात्मक विचार करेगी।

 

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