Monday , 14 September 2026

TMC में वर्चस्व की जंग: पार्टी सिंबल और नियंत्रण पर चुनाव आयोग का अंतरिम आदेश से इनकार, ममता गुट को मिला अतिरिक्त समय

नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांगठनिक नियंत्रण और आधिकारिक अधिकार को लेकर जारी सियासी रस्साकशी के बीच निर्वाचन आयोग (ECI) ने फिलहाल कोई भी अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है। आयोग के इस रुख से पार्टी के मौजूदा नेतृत्व को फौरी तौर पर बड़ी राहत मिली है। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी पार्टी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने रविवार को साझा की।

चुनाव आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को अपने दावे के समर्थन में जरूरी दस्तावेज दाखिल करने के लिए 16 सितंबर तक की मोहलत दी है। इसके साथ ही आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि दोनों पक्षों की दलीलों में आवश्यकता महसूस हुई, तो 17 सितंबर को विस्तृत सुनवाई की जाएगी।

दो फाड़ में तृणमूल, आयोग के सामने आमने-सामने दोनों खेमे

तृणमूल कांग्रेस के भीतर पार्टी पर कब्जे को लेकर छिड़ा विवाद अब सीधे चुनाव आयोग की दहलीज पर पहुंच चुका है। पार्टी इस समय दो विरोधी खेमों में बंटती नजर आ रही है। एक धड़े की कमान पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हाथों में है, जबकि दूसरे गुट का नेतृत्व बागी नेता रिताब्रता बनर्जी कर रहे हैं।

संगठन और चुनाव चिह्न पर अपने-अपने दावों को पुख्ता करने के लिए दोनों ही गुटों के शीर्ष नेताओं ने शनिवार को अलग-अलग समय पर निर्वाचन आयोग के उच्चाधिकारियों से मुलाकात कर अपनी याचिकाएं और साक्ष्य पेश किए थे। दोनों ही पक्ष खुद को पार्टी का असली और वैधानिक प्रतिनिधि साबित करने में जुटे हैं।

उपचुनाव में पार्टी सिंबल पर संशय खत्म, सांसद का दावा

निर्वाचन आयोग की इस प्रक्रिया के बीच पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने जानकारी देते हुए लिखा कि चुनाव आयोग ने विवाद पर कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया है। आयोग ने दस्तावेज प्रस्तुत करने और पक्ष रखने के लिए 16 और 17 सितंबर की तारीखें तय की हैं।

कल्याण बनर्जी ने आगे जोर देकर कहा कि आयोग की ओर से कोई रोक न होने के चलते आगामी उपचुनावों में पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार तृणमूल कांग्रेस के तय चुनाव चिह्न पर ही चुनावी मैदान में उतरेंगे। फिलहाल चुनाव चिह्न फ्रीज होने या किसी अन्य गुट को जाने की अटकलों पर विराम लग गया है।

 

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