
नई दिल्ली सुपरस्टार यश की महत्वाकांक्षी पैन-इंडिया फिल्म ‘टॉक्सिक: अ फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ (Toxic: A Fairytale for Grown-Ups) को लेकर जो उम्मीदें लगाई गई थीं, नतीजे उसके ठीक उलट साबित हुए हैं। चार साल बाद यश की बड़े पर्दे पर वापसी, नयनतारा और कियारा आडवाणी की मौजूदगी और विशाल बजट के दम पर बना माहौल रिलीज के बाद ज्यादा दिन नहीं टिक सका। पहले दिन रिकॉर्डतोड़ कारोबार करने के बाद फिल्म की कमाई में ऐसा भयंकर क्रैश देखने को मिला, जिसने बॉक्स ऑफिस विश्लेषकों से लेकर मेकर्स तक का पूरा वित्तीय गणित पूरी तरह बिगाड़ कर रख दिया है।
धमाकेदार शुरुआत के बाद औंधे मुंह गिरी कमाई फिल्म ने दुनिया भर में करीब 140 करोड़ रुपये की तूफानी ओपनिंग के साथ इतिहास रचते हुए शुरुआत की थी, जिसमें भारत का नेट कलेक्शन ही 101 करोड़ रुपये रहा था। शुरुआती आंकड़ों को देखकर ट्रेड को एक और ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर की उम्मीद थी। हालांकि, यह जलवा दूसरे दिन ही फीका पड़ गया और कमाई गिरकर 37 करोड़ पर आ गई। पहले सोमवार तक दैनिक संग्रह 10 करोड़ से नीचे फिसल गया। 15 दिनों में फिल्म का कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन करीब 339.32 करोड़ रुपये तक ही पहुंच सका, जबकि 16वें दिन भारत में यह महज 40 लाख रुपये पर सिमट गई।
मेकर्स को 300 से 350 करोड़ के भारी नुकसान की आशंका ट्रेड एनालिस्ट रमेश बाला के अनुसार, ‘टॉक्सिक’ का शुद्ध वित्तीय घाटा 300 से 350 करोड़ रुपये के बीच पहुंच सकता है। उनका मानना है कि फिल्म अपनी कुल लागत का 60 फीसदी हिस्सा भी रिकवर करने में नाकाम रही है। करीब 450 करोड़ रुपये के प्रोडक्शन बजट वाली इस फिल्म का खर्च पब्लिसिटी, रिलीज, ब्याज और अन्य दायित्वों को मिलाकर 500 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया था। हालांकि कुल नुकसान का पैमाना अलग-अलग खिड़कियों पर निर्भर करता है, क्योंकि थिएट्रिकल कमाई थिएटर मालिकों, वितरकों और निर्माताओं में बंटती है, वहीं ओटीटी और म्यूजिक राइट्स का हिस्सा भी हिसाब में जुड़ता है।
‘मिर्जापुर’ और ‘हनुमान अंश’ से सीधी टक्कर, यश भी हुए मायूस फिल्म की असफलता की सबसे बड़ी वजह ओपनिंग के बाद दर्शकों की संख्या में आई भारी गिरावट रही। भारी भरकम स्टार पावर पहले दिन दर्शकों को खींच लाई, लेकिन कमजोर वर्ड ऑफ माउथ के कारण थिएटर खाली होने लगे। इसी दौरान ‘मिर्जापुर: द मूवी’ और ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्मों के आने से ‘टॉक्सिक’ की स्क्रीन और शोज में तेजी से कटौती कर दी गई। सूत्रों के मुताबिक, अपने करियर के इस बड़े प्रोजेक्ट के फ्लॉप होने से सुपरस्टार यश बेहद आहत हैं और उनके करीबी भी इस बात की तस्दीक कर रहे हैं।
‘गेम चेंजर’ और ‘आदिपुरुष’ से भी बड़ा झटका बनने की कगार पर बॉक्स ऑफिस पर भारी नुकसान के मामले में ‘टॉक्सिक’ की तुलना अब राम चरण की ‘गेम चेंजर’ और प्रभास की ‘आदिपुरुष’ से की जा रही है। ‘गेम चेंजर’ ने 300-400 करोड़ के बजट पर 186 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया था और करीब 200 करोड़ का नुकसान झेला था। वहीं, ‘आदिपुरुष’ का नुकसान 220 करोड़ के आसपास आंका गया था। यदि ‘टॉक्सिक’ का घाटा 300 से 350 करोड़ रुपये के बीच स्थिर रहता है, तो यह भारतीय सिनेमा के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय झटका साबित हो सकती है।
ओटीटी डील टालने की रणनीति पड़ी उल्टी फिल्म के आर्थिक संकट की एक बड़ी वजह मेकर्स की गलत रिलीज रणनीति भी मानी जा रही है। रिलीज से पहले मेकर्स ने इस उम्मीद में डिजिटल राइट्स नहीं बेचे थे कि फिल्म की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद वे 200 करोड़ रुपये तक की डील हासिल करेंगे। बॉक्स ऑफिस क्रैश के बाद यह पासा पूरी तरह उलटा पड़ गया। रमेश बाला के मुताबिक, यदि ओटीटी अधिकार पहले बेच दिए गए होते, तो घाटे का अंतर कम से कम 100 करोड़ रुपये घट सकता था। चर्चा है कि अब यह डील सिमटकर महज 30 करोड़ रुपये के आसपास रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।
गलत बिजनेस मॉडल से पटरी से उतरी ‘टॉक्सिक’ ‘केजीएफ 2’ की ऐतिहासिक कामयाबी के बाद यश से दर्शकों की उम्मीदें बहुत ज्यादा थीं। फिल्म की नाकामी की कहानी खराब शुरुआत नहीं, बल्कि पहले दिन की विशाल बढ़त को न संभाल पाना रही। 500 करोड़ का दांव लगाने के बाद वर्ल्डवाइड कलेक्शन का 340 करोड़ पर अटक जाना फिल्म के पूरे रिकवरी मॉडल को ध्वस्त कर गया। थिएट्रिकल रन से लेकर डिजिटल अधिकारों तक, जिस रणनीति से इस फिल्म को मुनाफे का पहाड़ खड़ा करना था, वही अब इसके सबसे बड़े नुकसान की वजह बन गई है।
voice of india