
नई दिल्ली ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के मंच से इतर भारत की कूटनीतिक और सामरिक ताकत का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इथियोपिया और मलेशिया के अपने समकक्षों के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता कर आपसी संबंधों को एक नया आयाम दिया। इस अहम बैठक में दोनों ही देशों ने भारत के साथ मजबूत रक्षा साझेदारी विकसित करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। बातचीत के दौरान न केवल संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण (ज्वाइंट पर्सनल ट्रेनिंग) पर जोर दिया गया, बल्कि भारत से बड़े पैमाने पर रक्षा उपकरणों की खरीद को लेकर भी सकारात्मक विमर्श हुआ।
खनन और सेमीकंडक्टर सेक्टर में खुलेंगे निवेश के नए द्वार वैश्विक व्यापार और रणनीतिक निवेश को रफ्तार देते हुए दोनों देशों ने भारतीय उद्योगों का खुले दिल से स्वागत किया। इथियोपिया ने अपने देश में भारतीय खनन कंपनियों को आमंत्रित करते हुए बड़े निवेश की उम्मीद जताई है। वहीं, तकनीक के क्षेत्र में एक कदम आगे बढ़ते हुए मलेशिया के साथ सेमीकंडक्टर उद्योग में संयुक्त अवसरों और नई संभावनाओं को तलाशने पर विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई।
इथियोपिया के साथ रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद अली के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ करने पर विशेष बल दिया गया। दोनों शीर्ष नेताओं ने आर्थिक सहयोग, कैपेसिटी बिल्डिंग, रक्षा तथा सुरक्षा के मोर्चे पर अब तक हुई प्रगति का गहन मूल्यांकन किया। यह अहम संवाद दिसंबर 2025 में पीएम मोदी की अदीस अबाबा की ऐतिहासिक यात्रा के बाद उपजे मजबूत संबंधों की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर विचार साझा करते हुए बहुपक्षीय मंचों पर साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। पीएम मोदी ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इथियोपिया की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि इससे ‘ग्लोबल साउथ’ की सामूहिक आवाज को नई ऊर्जा मिली है।
वियतनाम के साथ ब्रह्मोस मिसाइल डील पर लगी मुहर की उम्मीद कूटनीतिक बैठकों के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के साथ बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की। इस रणनीतिक बैठक का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बहुप्रतीक्षित ‘ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल’ सौदा रहा, जिसे जल्द ही अंतिम रूप दिए जाने की प्रबल संभावना है। यदि यह डील पूरी होती है, तो वियतनाम दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत से ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली खरीदने वाला तीसरा प्रमुख देश बन जाएगा।
‘एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ को मिली मजबूती बैठक के दौरान पीएम मोदी ने ब्रिक्स संगठन में वियतनाम की ‘पार्टनर कंट्री’ के रूप में भागीदारी का स्वागत किया। दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने द्विपक्षीय रिश्तों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। गौरतलब है कि मई 2026 में वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव व राष्ट्रपति टो लाम के भारत दौरे के दौरान दोनों मुल्कों के संबंधों को ‘एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के सर्वोच्च स्तर तक पहुंचाया गया था। दोनों नेताओं ने पारस्परिक हित के प्रमुख वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर आम सहमति जताते हुए भविष्य में इस रणनीतिक गठबंधन को और अधिक सशक्त बनाने का साझा संकल्प दोहराया।
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