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मुरादाबाद में तेंदुए का खौफ: पिंजरे में फंसा 13वां तेंदुआ, 4 लोगों की जा चुकी है जान; 46 पिंजरों से जंगलों में पहरा

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के ग्रामीण अंचलों में तेंदुओं की दहशत थमने का नाम नहीं ले रही है। वन विभाग की टीम को डिलारी थाना क्षेत्र के सजनी जलालपुर गांव में बड़ी कामयाबी मिली है, जहां लगाए गए पिंजरे में एक और वयस्क तेंदुआ कैद हो गया। जिले में बीते 3 अगस्त से चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत पकड़ा गया यह 13वां तेंदुआ है। हालांकि, एक और तेंदुए के पकड़े जाने के बाद भी ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है, क्योंकि खेतों में अभी भी अन्य जंगली जानवरों की चहलकदमी की आशंका है।

ठाकुरद्वारा और आसपास के इलाकों में रेस्क्यू तेज वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ठाकुरद्वारा तहसील और उसके आसपास के गांवों में तेंदुओं की लगातार आमद दर्ज की जा रही थी। गन्ने के खेतों और आबादी के नजदीक हलचल दिखने के बाद विभाग ने कॉम्बिंग और रेस्क्यू अभियान की रफ्तार बढ़ाई थी। इसी रणनीति के तहत सजनी जलालपुर गांव के बाहरी हिस्से में पिंजरा लगाया गया था, जिसमें शिकार के लालच में तेंदुआ दाखिल हुआ और कैद हो गया। सूचना पर वन कर्मियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए को सुरक्षित कब्जे में लिया और स्वास्थ्य परीक्षण के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी।

अब तक 13 तेंदुए पकड़े गए, 4 लोगों की जा चुकी है जान जिले में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत अब तक कुल 13 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। इनमें से 12 तेंदुए अकेले ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र से और एक तेंदुआ कांठ इलाके से पकड़ा गया है। आंकड़ों के अनुसार, तेंदुओं के हमलों में अब तक महिलाओं समेत चार लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि दर्जनों ग्रामीण घायल होकर अस्पतालों के चक्कर काट चुके हैं। आबादी वाले इलाकों में जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही ने किसानों और मजदूरों का खेतों पर काम करना दूभर कर दिया है।

46 पिंजरों से हो रही घेराबंदी, दो तेंदुओं की हादसों में हो चुकी है मौत लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए वन विभाग ने पूरे संवेदनशील क्षेत्र में पिंजरों की संख्या बढ़ाकर 46 कर दी है। इसके अलावा कई टीमें लगातार रात्रि गश्त कर रही हैं। इससे पहले जिले में दो तेंदुओं की सड़क हादसों में भी मौत हो चुकी है। इनमें से एक तेंदुए का शव ठाकुरद्वारा क्षेत्र में और दूसरे का छजलैट थाना क्षेत्र में सड़क किनारे मिला था, जिनकी मौत अज्ञात वाहनों की टक्कर से हुई थी।

विभाग की चेतावनी: खेतों में अकेले न जाएं, बच्चों पर रखें नजर वन विभाग ने संवेदनशील इलाकों के ग्रामीणों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे रात के समय अकेले खेतों या जंगलों की ओर न जाएं, समूह में लाठी-डंडों के साथ ही निकलें और बच्चों को घरों से बाहर अकेला न छोड़ें। वन अधिकारियों का कहना है कि जब तक क्षेत्र में तेंदुओं की आवाजाही पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो जाती, तब तक पिंजरे लगाने और रेस्क्यू का यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

 

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