
पलक्कड़ (केरल): केरल के पलक्कड़ जिले के अट्टाप्पडी इलाके से सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां 25 वर्षीय महिला और उसकी चार साल की मासूम बच्ची की नृशंस हत्या कर दी गई। दरिंदगी की हद पार करते हुए कातिल ने शवों के टुकड़े-टुकड़े किए, उन्हें तीन बोरियों में ठूंसा और फिर भवानी नदी में बहा दिया। वारदात को अंजाम देकर आरोपी सीधे पश्चिम बंगाल भाग गया। हालांकि, पलक्कड़ पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पश्चिम बंगाल से मुख्य संदिग्ध प्रवथ दास को दबोच लिया है। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, लेकिन कत्ल के पीछे की असल वजह पर से पर्दा उठना अभी बाकी है।
भवानी नदी किनारे तीन बोरियों में मिले थे क्षत-विक्षत शव इस रूह कंपा देने वाले हत्याकांड का खुलासा 6 सितंबर को चीरक्कडावु इलाके में हुआ। नदी किनारे मवेशी चराने पहुंचे स्थानीय ग्रामीणों की नजर तीन संदिग्ध बोरियों पर पड़ी, जिससे दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब बोरियों को खोला, तो भीतर का खौफनाक मंजर देखकर सबके होश उड़ गए। बोरियों में क्षत-विक्षत मानव अंग भरे हुए थे। पुलिस ने गहन छानबीन और आरोपी के कबूलनामे के बाद मृतकों की शिनाख्त पश्चिम बंगाल निवासी प्रणिता (25) और उसकी चार वर्षीय बेटी जोहिता के रूप में की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्रूरता का खुलासा: बच्ची का घोंटा गला, मां के सिर पर किए वार प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्यारे की दरिंदगी साफ जाहिर होती है। रिपोर्ट के अनुसार, महिला के सिर पर किसी भारी और धारदार हथियार से कई गहरे वार कर उसकी जान ली गई थी। वहीं, मासूम बच्ची की सांसें गला घोंटकर हमेशा के लिए थाम दी गईं। हत्या के बाद सबूत मिटाने के मकसद से दोनों के शवों के टुकड़े कर बोरियों में पैक किया गया और नदी में ठिकाने लगा दिया गया। पुलिस का अनुमान है कि इस जघन्य हत्याकांड को नदी के आसपास ही अंजाम दिया गया था, ताकि शवों को आसानी से पानी में फेंका जा सके।
एक मामूली बोरी ने खोला कातिल का पूरा कच्चा-चिट्ठा अंधे कत्ल की इस गुत्थी को सुलझाने में उन बोरियों ने सबसे बड़ा सुराग दिया, जिनमें लाश के टुकड़े मिले थे। पुलिस ने बोरियों के बैच और मार्किंग की जांच की तो पता चला कि इनका इस्तेमाल तमिलनाडु के कोयंबटूर से अट्टाप्पडी के कोट्टाथारा इलाके की एक स्थानीय दुकान तक सामान सप्लाई करने में हुआ था।
दुकान के जरिए कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस प्रवथ दास तक पहुंची। पड़ताल में सामने आया कि दास करीब एक महीने पहले ही अट्टाप्पडी के बागानों में मजदूरी करने आया था और वह प्रणिता व उसकी बेटी के साथ ही रह रहा था। वारदात के ठीक बाद से ही वह अचानक गायब था, जिससे उस पर शक गहरा गया।
पश्चिम बंगाल में छिपे आरोपी को पुलिस ने दबोचा हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी ट्रेन पकड़कर सीधे अपने गृह राज्य पश्चिम बंगाल भाग गया था। पलक्कड़ पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी के जरिए उसके ठिकाने को ट्रैक किया। इसके बाद सब-इंस्पेक्टर एच. हर्षद के नेतृत्व में तीन सदस्यीय पुलिस टीम पश्चिम बंगाल पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को धर दबोचा। कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे ट्रांजिट रिमांड पर केरल लाया गया।
‘वह मेरी पत्नी नहीं थी’: आरोपी के बयान से उलझी कत्ल की गुत्थी हिरासत में हुई पूछताछ के दौरान प्रवथ दास ने मां-बेटी की हत्या का गुनाह तो कुबूल कर लिया, लेकिन उसके बयानों ने पुलिस के सामने नई पहेली खड़ी कर दी है। दास का दावा है कि प्रणिता उसकी पत्नी नहीं थी और वह उसे महज दो महीने से जानता था।
अब पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि दोनों के रिश्ते का सच क्या था? आखिर दो महीने की जान-पहचान में ऐसा क्या विवाद हुआ कि उसने इतनी बर्बरता से मासूम बच्ची समेत मां को मौत के घाट उतार दिया? पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस खौफनाक साजिश में कोई अन्य मददगार भी शामिल था।
voice of india