Monday , 7 September 2026

कलावा और अंगूठी देख कर दिया था अंतिम संस्कार, 27 महीने बाद जिंदा लौटी ‘मृत’ शिवानी, नाले में मिला शव किसका ?

ससुराल वालों पर हुआ था दहेज हत्या का केस

बख्शी का तालाब (लखनऊ)। नवीकोट नंदना गांव में शनिवार को एक ऐसी हैरतअंगेज घटना सामने आई, जिसने परिजनों के साथ-साथ पुलिस महकमे को भी सकते में डाल दिया है। जिस बेटी को करीब सवा दो साल पहले मृत मानकर मायके वालों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दे दी थी, वही 28 वर्षीय शिवानी 27 महीने बाद अचानक अपने घर जिंदा लौट आई। उसके दरवाजे पर पहुंचते ही परिजनों की आंखें फटी की फटी रह गईं। इस नाटकीय मोड़ ने पूरे मामले को एक उलझी हुई पहेली बना दिया है।

ससुराल से हुई थी लापता, नाले में मिले शव को मान लिया था बेटी

मामला 4 मई 2024 का है, जब शिवानी अपनी ससुराल से संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी। काफी खोजबीन के बाद जब उसका कोई सुराग नहीं लगा, तो परिजनों ने बीकेटी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। करीब डेढ़ महीने बाद, 16 जुलाई 2024 को आईआईएम रोड के पीछे स्थित एक नाले से पुलिस ने अज्ञात महिला का सड़ा-गला शव बरामद किया। सूचना मिलने पर शिनाख्त के लिए पहुंचे शिवानी के मायके वालों ने शव के हाथ में बंधे कलावे और अंगुली में मौजूद अंगूठी को देखकर उसे अपनी बेटी शिवानी के रूप में पहचान लिया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में भैंसाकुंड श्मशान घाट पर उस अज्ञात शव का अंतिम संस्कार शिवानी मानकर कर दिया गया।

ससुराल पक्ष पर दर्ज हुआ था दहेज हत्या का मुकदमा

बेटी की मौत का सदमा झेल रहे मायके पक्ष ने इस मामले में शिवानी के ससुराल वालों पर प्रताड़ना और दहेज हत्या का गंभीर मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी थी और ससुराल पक्ष कानूनी दांव-पेंच और आरोपों के घेरे में फंसा रहा। लेकिन 5 सितंबर 2026 की शाम जैसे ही शिवानी सकुशल अपने मायके पहुंची, पूरा घटनाक्रम 180 डिग्री घूम गया। गांव भर में यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई कि जिस शिवानी का अंतिम संस्कार हो चुका था, वह तो जिंदा है।

पारा इलाके में युवक के साथ रहने की चर्चा, पुलिस जांच में जुटी

शिवानी के लौटने की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आई। प्राथमिक पूछताछ के दौरान यह जानकारी सामने आ रही है कि लापता होने के बाद से वह पारा क्षेत्र में जावेद नाम के एक युवक के साथ रह रही थी। हालांकि, पुलिस इस बिंदु पर महिला से गहन पूछताछ कर उसके बयानों की सत्यता परख रही है कि वह इतने महीनों तक कहां और किन परिस्थितियों में रही।

पुलिस के सामने दो बड़े सवाल: फिर नाले में मिला शव किसका था?

शिवानी के जिंदा मिलने से अब बीकेटी पुलिस के सामने सबसे बड़ा सिरदर्द यह खड़ा हो गया है कि जुलाई 2024 में नाले से बरामद शव आखिर किसका था? कलावा और अंगूठी के आधार पर शिनाख्त में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? इसके अलावा, ससुराल पक्ष पर दर्ज दहेज हत्या के मुकदमे का क्या होगा? बीकेटी थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह का कहना है कि शिवानी से लगातार पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की एक-एक कड़ी जोड़ी जा रही है। इसके साथ ही अब उस अज्ञात महिला के शव की शिनाख्त के लिए पुराने मामलों की फाइलों को नए सिरे से खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

 

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