Thursday , 3 September 2026

कानपुर में दिनदहाड़े भाइयों पर चाकूबाजी के बाद रात में युवक को दौड़ाकर गोलियों से भूना,आधे घंटे तक तड़पता रहा युवक

कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र में खूनी संघर्ष का रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। वाजिदपुर के मजरा चिन्तापुरवा में बेखौफ हमलावरों ने 26 वर्षीय लोडर चालक गिरजा शंकर को दौड़ाकर गोलियों से भून डाला। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और गांव छावनी में तब्दील हो गया। चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या से ठीक पहले दोपहर में आरोपियों ने मृतक के दो भाइयों पर जानलेवा चाकूबाजी की थी, लेकिन पुलिस की कथित सुस्ती ने हमलावरों के हौसले इतने बुलंद कर दिए कि उन्होंने रात होते-होते इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दे डाला।

दोपहर में भाइयों पर चाकू से वार, थाने में दी गई थी तहरीर

चिन्तापुरवा निवासी शिव कुमार के परिवार पर हमलावरों ने सुनियोजित तरीके से कहर बरपाया। दोपहर के वक्त दबंगों ने गिरजा शंकर के दो भाइयों—रामपाल और रामदीन पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। लहूलुहान हालत में दोनों भाई किसी तरह जान बचाकर चौबेपुर थाने पहुंचे और नामजद आरोपियों के खिलाफ लिखित तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई थी, फिर भी खाकी का रवैया बेहद सुस्त रहा।

पुलिस की ढिलाई ने बढ़ाए हौसले, घर लौटते ही लोडर चालक पर बरसीं गोलियां

परिजनों का सीधा आरोप है कि दोपहर की हिंसक वारदात के बाद भी पुलिस ने मामले को कतई गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस ने मौका-ए-वारदात पर जाकर छानबीन करना तक मुनासिब नहीं समझा, जिसका नतीजा यह हुआ कि दबंगों का खौफ खत्म हो गया। मृतक गिरजा शंकर पेशे से लोडर चालक था। वह रात में जैसे ही अपना वाहन लेकर घर के पास पहुंचा, पहले से घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उसे घेर लिया। जान बचाने के लिए वह गांव की गलियों में भागा, लेकिन आरोपियों ने उसे दौड़ाकर सीने में गोली मार दी।

आधे घंटे तक तड़पता रहा युवक, दहशत के मारे मदद को नहीं आए ग्रामीण

वारदात के बाद गांव में हमलावरों का ऐसा आतंक छाया कि लहूलुहान होकर सड़क पर तड़प रहे गिरजा शंकर को कोई भी ग्रामीण अस्पताल पहुंचाने का साहस नहीं जुटा सका। करीब आधे घंटे तक वह तड़पता रहा। सूचना मिलने के बाद जब भारी पुलिस बल गांव पहुंचा, तब जाकर बदहवास परिजन उसे अस्पताल ले जाने के लिए दौड़े, लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि युवक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

गंगा कटरी का विवाद और प्रधानी चुनाव की रंजिश बनी वजह

शुरुआती जांच में इस खूनी खेल की वजह गंगा कटरी की जमीन पर वर्चस्व और प्रधानी चुनाव से जुड़ी पुरानी रंजिश बताई जा रही है। परिजनों ने गांव के ही कुलदीप कुमार (पुत्र रामऔतार) सहित तीन लोगों पर हत्या का खुला आरोप लगाया है। वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसीपी बिल्हौर और डीसीपी पश्चिम भारी पुलिस बल के साथ चिन्तापुरवा पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है।

खाकी की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल: क्या बच सकती थी युवक की जान?

इस सनसनीखेज वारदात ने पुलिस प्रशासन को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों और परिजनों के बीच एक ही बड़ा सवाल गूंज रहा है कि अगर दोपहर में चाकूबाजी की शिकायत पर चौबेपुर पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया होता और गांव में गश्त बढ़ा दी होती, तो क्या गिरजा शंकर की जान बचाई जा सकती थी? पुलिस की कथित लापरवाही अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

 

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