Thursday , 3 September 2026

नेपाल में प्रलयंकारी बाढ़: 1127 की मौत, 4000 अब भी लापता; अस्पतालों में अज्ञात शवों का अंबार, चीन तक दिखा असर

काठमांडू।  नेपाल में कुदरत का ऐसा कहर टूटा है जिसने पूरे देश में हाहाकार मचा दिया है। हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 1127 पहुंच गई है। सुरक्षाबलों और राहत दलों ने बुधवार को विभिन्न आठ जिलों से दर्जनों और शव बरामद किए हैं। लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश और उफनती नदियों के बीच बचावकर्मियों को राहत अभियानों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग द्वारा देश के कई हिस्सों में बाढ़ की नई चेतावनी जारी किए जाने के बाद हालात और अधिक चिंताजनक हो गए हैं।

4000 लोग अभी भी लापता, 12 हजार का हुआ रेस्क्यू

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, करीब 4,000 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में 583 विदेशी नागरिक और बचाव कार्य में जुटे 83 सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। हालांकि, सेना, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाकर अब तक लगभग 12,000 लोगों को सैलाब के बीच से सुरक्षित निकाल लिया है।

26 अगस्त को हिमालयी इलाके में मलबे ने मचाई थी तबाही

यह भयावह संकट 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा पर बर्फ और चट्टानों के भारी पैमाने पर खिसकने व हिमस्खलन के चलते शुरू हुआ था। इस भूस्खलन से हिमालयी क्षेत्र से बहने वाली भोटेकोशी नदी में अप्रत्याशित सैलाब आ गया। नदी के तेज बहाव ने उत्तरी और मध्य नेपाल के गांवों और कस्बों को तबाह कर दिया। सैकड़ों मकान, वाहन, पक्के पुल और संपर्क सड़कें ताश के पत्तों की तरह बह गईं। कई प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं (Hydropower Projects) के ढांचे को भी इस प्रलय ने भारी क्षति पहुंचाई है।

चीन और तिब्बत में भी भारी नुकसान

इस प्राकृतिक आपदा का असर सीमा पार तिब्बत और चीन के क्षेत्रों में भी देखने को मिला है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सीमा पार अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि तिब्बत के इलाकों में लगभग 550 लोग लापता बताए जा रहे हैं। दोनों देशों के सीमावर्ती इलाके इस समय प्राकृतिक मलबे और सैलाब की मार झेल रहे हैं।

चितवन में सबसे ज्यादा लाशें, अस्पतालों में पहचान का संकट

नेपाल के भीतर सबसे ज्यादा तबाही चितवन जिले में देखने को मिली है, जहां से अब तक 321 शव निकाले जा चुके हैं। इसके अलावा नवलपरासी ईस्ट से 216, नवलपरासी वेस्ट से 170, नुवाकोट से 142, गोरखा से 65, धाडिंग से 57, रसुवा से 41 और तनहुन से 38 शव बरामद हुए हैं। देश भर के 21 बड़े अस्पतालों में अज्ञात शवों का अंबार लगा हुआ है।

अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों पर अपनों को तलाश रहे लोगों की भारी भीड़ जमा है, जो दीवारों पर चस्पा तस्वीरों में अपने परिजनों को ढूंढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। शवों की पहचान प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि पानी के तेज बहाव और मलबे के कारण कई शव क्षत-विक्षत हो चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक केवल 60 शवों की शिनाख्त कर परिजनों को सौंपा जा सका है, जबकि 700 से अधिक शवों का डीएनए, फोटोग्राफ और आवश्यक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के बाद अंतिम संस्कार या दफनाने की प्रक्रिया पूरी की गई है।

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