Thursday , 3 September 2026

लखनऊ में मूसलाधार बारिश के बाद धंसी मुख्य सड़क: पूर्व डिप्टी सीएम के आवास के पास 10 फीट गहरे गड्ढे में समाया बाइक सवार, व्यवस्था पर फूटा गुस्सा

लखनऊ।  राजधानी लखनऊ में मंगलवार को हुई झमाझम बारिश ने नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के दावों की पोल खोलकर रख दी है। दोपहर से शाम तक करीब दो घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख इलाके जलमग्न हो गए। इसी बीच, व्यस्ततम आईटी चौराहे के निकट मुख्य मार्ग पर अचानक सड़क का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर धंस गया। यह जानलेवा गड्ढा पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के आवास से चंद कदमों की दूरी पर बना, जिसकी चपेट में आकर एक बाइक सवार सीधे 7 से 10 फीट गहरे गड्ढे में समा गया। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

7 से 10 फीट गहरा गड्ढा, पानी के बीच नहीं दिखा मौत का कुआं

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लगातार हुई बारिश के चलते मुख्य मार्ग पर पानी भर गया था। इसी दौरान आईटी चौराहे के पास सड़क के नीचे की मिट्टी खिसक गई और देखते ही देखते वहां 7 से 10 फीट गहरा और चौड़ा गड्ढा बन गया। सड़क पर जलभराव होने की वजह से वहां से गुजर रहा बाइक सवार गड्ढे का अंदाजा नहीं लगा सका और सीधे वाहन समेत उसमें जा गिरा। मंजर इतना खौफनाक था कि आसपास के राहगीर चीख पड़े और मौके पर भारी अफरातफरी मच गई।

राहगीरों ने दिखाई तत्परता, मलबे से निकालकर पहुंचाया अस्पताल

हादसा होते ही स्थानीय दुकानदार और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े। लोगों ने एकजुट होकर कड़ी मशक्कत के बाद घायल बाइक सवार और उसकी मोटरसाइकिल को गहरे गड्ढे से बाहर निकाला। घायल युवक को शरीर में कई गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने फौरन उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है। सूचना मिलने के काफी देर बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने एहतियातन गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग कर रूट डायवर्ट किया, जिससे मार्ग पर काफी देर तक यातायात रेंगता रहा।

वीआईपी इलाके में लापरवाही, प्रशासन की कार्यप्रणाली कठघरे में

जिस जगह यह हादसा हुआ, वह राजधानी का बेहद संवेदनशील और वीआईपी इलाका माना जाता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह शहर का अत्यंत व्यस्त मार्ग है, जहां से दिन-रात हजारों वाहन गुजरते हैं। लोगों ने प्रशासन की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाते हुए कहा कि जब सड़क धंसने लगी थी, तभी समय रहते बैरिकेडिंग क्यों नहीं की गई? अगर समय पर चेतावनी संकेत लगा दिए जाते, तो बाइक सवार को इस दर्दनाक हादसे का शिकार होने से बचाया जा सकता था।

राजधानी में तीन जगहों पर धंसी सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम फेल

बारिश के बाद लखनऊ में सिर्फ आईटी चौराहा ही नहीं, बल्कि कम से कम तीन प्रमुख स्थानों पर सड़क धंसने और गहरे गड्ढे बनने की घटनाएं सामने आई हैं। इन हादसों ने सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता, सीवर लाइनों के रख-रखाव और जलनिकासी व्यवस्था को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है। नाराज शहरवासियों का कहना है कि जब पूर्व डिप्टी सीएम के घर के सामने और वीआईपी इलाकों की सड़कों का यह हाल है, तो शहर के सामान्य मोहल्लों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। लोगों ने नगर निगम और प्रशासन से शहर की सभी धंसी सड़कों का तुरंत तकनीकी सर्वे कराने और गड्ढों को युद्धस्तर पर भरने की मांग की है।

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