Tuesday , 1 September 2026

नेपाल बाढ़ की भीषण त्रासदी: गंडक नदी में बहकर कुशीनगर पहुंचे 13 शव, SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी; AIIMS गोरखपुर भेजे गए 7 शव

कुशीनगर। नेपाल में भारी मानसूनी बारिश और विनाशकारी बाढ़ की तबाही का खौफनाक मंजर अब उत्तर प्रदेश की सीमा पर भी साफ नजर आने लगा है। नेपाल से निकलने वाली नारायणी नदी (भारत में गंडक नदी) इस समय पूरे उफान पर है। नेपाल के बाढ़ग्रस्त इलाकों से बहकर आने वाले मानव शव, मृत पशु और तबाही का मलबा सीमावर्ती कुशीनगर जिले में लगातार नदी के किनारों पर पहुंच रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार, गंडक नदी से अब तक कुल 13 मानव शव बरामद किए जा चुके हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों में हड़कंप मचा हुआ है।

उफनती गंडक नदी में SDRF का बड़ा सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन

नेपाल से आ रहे शवों की बरामदगी और राहत कार्यों के लिए कुशीनगर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। उफनती नदी की तेज धार और बेहद प्रतिकूल मौसम के बीच राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों की टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। नदी के संवेदनशील घाटों और तटीय इलाकों में प्रशासन ने कड़ा पहरा और निगरानी तंत्र स्थापित कर दिया है, ताकि बहकर आने वाले किसी भी शव या सामग्री को तुरंत बाहर निकाला जा सके।

6 शव मेडिकल कॉलेज और 7 एम्स गोरखपुर भेजे गए

बरामद किए गए सभी 13 शवों को सुरक्षित और सम्मानपूर्वक रखने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं:

  • कुशीनगर राजकीय मेडिकल कॉलेज: 6 शवों को पहचान प्रक्रिया पूरी होने तक मेडिकल कॉलेज की मॉर्चरी स्थित डीप फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया है।

  • एम्स (AIIMS) गोरखपुर: 7 शवों को विस्तृत पोस्टमार्टम और आवश्यक फॉरेंसिक व चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के लिए गोरखपुर एम्स भेजा गया है।

  • प्रशासन सभी शवों के डीएनए सैंपलिंग, फोटोग्राफी और कानूनी औपचारिकताओं को सावधानीपूर्वक पूरा कर रहा है, जिससे उनकी शिनाख्त पुख्ता हो सके।

नेपाल सरकार और दूतावास से साधा गया सीधा संपर्क

कुशीनगर जिला प्रशासन बरामद सभी अज्ञात शवों का पूरा विवरण, हुलिया और संबंधित जानकारी नेपाल सरकार और सीमावर्ती नेपाली प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार साझा कर रहा है। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता इन शवों की सही पहचान कराकर उन्हें उनके शोक संतप्त परिजनों तक पहुंचाना है।

सीडीओ ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद नियमानुसार शवों को नेपाल प्रशासन को हैंडओवर कर दिया जाएगा। जब तक नदी में शवों और मलबे के बहकर आने का सिलसिला बना रहेगा, तब तक एसडीआरएफ का निगरानी और सर्च ऑपरेशन दिन-रात जारी रहेगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

 

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