Sunday , 30 August 2026

ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों की दोहरी मार: विदेशी व्यापार 35% गिरा, महंगाई 66% के पार; जानिए संकट के बीच क्या है रणनीति

तेहरान: अमेरिका के साथ लंबे समय से जारी सैन्य तनाव और कड़े आर्थिक प्रतिबंधों ने ईरान की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने स्वीकार किया है कि अमेरिकी प्रतिबंधों और नौसैनिक नाकाबंदी के चलते देश का कुल आयात-निर्यात करीब 35 प्रतिशत तक गिर चुका है। विदेशी व्यापार में आई इस तेज गिरावट से देश में महंगाई, बेरोजगारी और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की आसमान छूती कीमतों ने जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

बंदरगाहों पर नाकाबंदी से व्यापार ठप, डॉलर पर निर्भरता घटाने की तैयारी राष्ट्रपति पेजेश्कियन के मुताबिक, प्रमुख बंदरगाहों पर लगी पाबंदियों से सप्लाई चेन बुरी तरह बाधित हुई है। हालांकि, जून में अमेरिका के साथ हुए एक संक्षिप्त समझौते के दौरान ईरान करीब 9 करोड़ बैरल तेल बेचने में सफल रहा था, जिससे कुछ समय के लिए राहत मिली थी। अब ईरानी सरकार आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाने और वैश्विक व्यापार में अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता को धीरे-धीरे खत्म करने की नई रणनीति पर काम कर रही है।

सालाना महंगाई दर 66% पर पहुंची, घरेलू बजट बिगड़ा अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान में सालाना महंगाई दर रिकॉर्ड 66 फीसदी तक पहुंच चुकी है। तेहरान सहित अन्य प्रमुख शहरों में खाद्य पदार्थों, दवाओं और जरूरी सामानों की कीमतों में भारी उछाल आया है। आर्थिक अस्थिरता को देखते हुए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने भी सरकार को महंगाई, बेरोजगारी और कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सख्त व ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

कूटनीति के साथ रक्षा मजबूती पर अडिग ईरान आर्थिक चुनौतियों के बावजूद ईरानी नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। राष्ट्रपति पेजेश्कियन जहां पड़ोसी देशों के साथ बातचीत और कम टकराव वाले कूटनीतिक रिश्तों को आगे बढ़ाने की वकालत कर रहे हैं, वहीं देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सैन्य मजबूती को भी अनिवार्य बता रहे हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव घटाने में जुटा कतर क्षेत्रीय तनाव को कम करने के प्रयासों के तहत कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी ने तेहरान पहुंचकर ईरानी शीर्ष नेतृत्व से वार्ता की। इस बैठक का मुख्य केंद्र ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही को सामान्य बनाना रहा, क्योंकि इस मार्ग पर तनाव बढ़ने से पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार और तेल आपूर्ति पर संकट गहरा सकता है।

आर्थिक दबाव के बीच ड्रोन और मिसाइल ताकत बरकरार ईरानी सेना प्रमुख अमीर हातेमी ने दोहराया है कि आर्थिक नाकेबंदी देश की रक्षा तैयारियों को प्रभावित नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि देश की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को निशाना बनाने की तमाम कोशिशों के बाद भी सेना पूरी मुस्तैदी से अपनी सामरिक क्षमता बनाए हुए है। फिलहाल ईरान एक तरफ चरमराती अर्थव्यवस्था और महंगाई से जूझ रहा है, तो दूसरी तरफ सैन्य शक्ति के दम पर कूटनीतिक संतुलन बनाने का प्रयास कर रहा है।

 

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