
नई दिल्ली। भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में गाड़ियों की कीमतों में लगातार हो रहे इजाफे का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। साल 2026 में ऑटो कंपनियां हर एक-दो महीने के अंतराल पर दाम बढ़ा रही हैं, और अब त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले सितंबर का महीना कार खरीदारों के बजट को बिगाड़ने वाला है। देश की दो दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनियां टाटा मोटर्स (Tata Motors) और हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India) 1 सितंबर 2026 से अपनी गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी करने जा रही हैं। गौरतलब है कि इससे पहले मारुति सुजुकी ने भी अगस्त में अपने चुनिंदा मॉडल्स पर 30 हजार रुपये तक का इजाफा किया था।
टाटा की गाड़ियां ₹25 हजार तक होंगी महंगी
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल लिमिटेड (TMPV) ने अपने पूरे पोर्टफोलियो के दाम बढ़ाने का ऐलान किया है। 1 सितंबर 2026 से कंपनी की पैसेंजर कारें और एसयूवी 25,000 रुपये तक महंगी हो जाएंगी। यह बढ़ोतरी पेट्रोल-डीजल (ICE) और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) दोनों सेगमेंट पर लागू होगी। मॉडल और वेरिएंट के आधार पर कीमतों का अंतर तय होगा। कंपनी का कहना है कि लगातार बढ़ती इनपुट कॉस्ट के चलते यह फैसला लेना पड़ा है, हालांकि लागत का बड़ा हिस्सा कंपनी खुद वहन कर रही है ताकि ग्राहकों पर ज्यादा बोझ न पड़े। साल 2026 में टाटा मोटर्स की ओर से यह तीसरा मूल्य संशोधन है; इससे पहले 1 अप्रैल को 0.5% और 1 जुलाई को 1.5% की बढ़ोतरी की गई थी।
हुंडई के पूरे पोर्टफोलियो पर 1% तक का इजाफा
हुंडई मोटर इंडिया ने भी 1 सितंबर 2026 से अपने सभी मॉडल्स की एक्स-शोरूम कीमतों में 1 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का फैसला किया है। इस बदलाव का असर ग्रैंड आई10 निओस, आई20, एक्सटर, वेन्यू, क्रेटा, वरना और अल्काजार जैसी लोकप्रिय कारों पर पड़ेगा। आसान शब्दों में समझें तो 10 लाख रुपये तक की गाड़ी पर करीब 10 हजार रुपये और 20 लाख रुपये तक की कार पर करीब 20 हजार रुपये तक की अतिरिक्त लागत आएगी। हुंडई ने भी बढ़ती कमोडिटी व इनपुट कॉस्ट और ऑपरेशनल खर्चों को इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह बताया है।
voice of india