Tuesday , 25 August 2026

बांग्लादेश में हिंदू शिक्षक के पूरे परिवार का नरसंहार: कौन थे गणपति चक्रवर्ती? जानिए कैसे शुरू हुआ खूनी खेल

रंगपुर : बांग्लादेश के रंगपुर में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की नृशंस हत्या के मामले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। 22 अगस्त की रात रंगपुर के दासपाड़ा स्थित बंद मकान से 65 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षक गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता, 23 वर्षीय बेटी आगमी और 12 वर्षीय बेटे प्रियम के शव बरामद किए गए। पुलिस ने मामले में दो चचेरे भाइयों—मुग्धो दास और 19 वर्षीय सिद्धार्थ दास को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, लेकिन वारदात की वजह और खौफनाक तौर-तरीकों ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

छत पर याबा का नशा कर रहे थे आरोपी, टोकने पर शुरू हुआ खूनी खेल रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबूद के अनुसार, दोनों आरोपी पड़ोस की इमारत के रास्ते गणपति चक्रवर्ती के मकान की छत पर पहुंचे थे। वहां दोनों खतरनाक नशीली गोली ‘याबा’ का सेवन कर रहे थे। छत से आ रही अजीब आवाजों को सुनकर जब सेवानिवृत्त शिक्षक ऊपर पहुंचे और पूछताछ की, तो पकड़े जाने व पहचाने जाने के खौफ में आरोपियों ने गणपति के गले में पड़े गमछे से उनका गला घोंट दिया।

पति की चीख सुनकर पहुंची पत्नी, एक-एक कर पूरे परिवार का कत्ल हाथापाई की आवाज सुनकर जब पत्नी प्रीतिलता सीढ़ियों की तरफ भागीं, तो आरोपियों ने कपड़े के टुकड़े से उनका भी गला दबा दिया। इसके बाद पहचान उजागर होने के डर से 23 वर्षीय बेटी आगमी चक्रवर्ती प्रार्थी और 12 वर्षीय मासूम बेटे प्रियम को भी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया।

कत्ल के बाद 7 घंटे तक मकान में जमे रहे हत्यारे, खाया खीरा-खजूर और फिर नहाकर भागे पुलिस जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि चारों हत्याओं को अंजाम देने के बाद भी दोनों आरोपी तुरंत फरार नहीं हुए। वे करीब 6 से 7 घंटे तक उसी मकान में लाशों के बीच रुके रहे। उन्होंने फ्रिज से खीरा निकाला, खजूर खाए, दोबारा नशा किया और फिर घर में आराम से नहाया। इसके बाद उन्होंने बिजली काटी और घर का सामान बिखेरकर इसे लूटपाट का रूप देने की कोशिश की। आरोपियों की निशानदेही पर पास की एक खाली इमारत से कुछ सोने के गहने भी बरामद किए गए हैं।

घर में अलग-अलग जगहों पर पड़े मिले चारों शव

सीआईडी अधिकारी सुबीर चौधरी और डिटेक्टिव ब्रांच के प्रमुख सनातन चक्रवर्ती के मुताबिक, घर के अंदर का दृश्य बेहद रूह कंपा देने वाला था। गणपति चक्रवर्ती का शव छत पर मिला, जबकि पत्नी प्रीतिलता और बेटी आगमी के शव सीढ़ियों के पास पड़े थे। वहीं, 12 साल के प्रियम का शव कमरे में बिस्तर के नीचे छिपाया गया था। सभी चारों फोन 21 अगस्त की दोपहर से बंद थे। शनिवार रात जब परिजनों ने बंद घर की सूचना दी, तब पुलिस ने ताला तोड़कर शवों को बाहर निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए रंगपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा।

कौन थे गणपति चक्रवर्ती? कुछ ही महीने पहले शुरू की थी नई जिंदगी गणपति चक्रवर्ती रंगपुर जिला स्कूल के सम्मानित शिक्षक थे, जो 31 दिसंबर 2025 को रिटायर हुए थे। इसके बाद उन्होंने होम्योपैथी प्रैक्टिस शुरू की थी और करीब चार साल पहले ही दासपाड़ा में नया मकान बनाया था। उनकी होनहार बेटी आगमी ने कारमाइकल कॉलेज से अंग्रेजी में मास्टर्स की डिग्री पूरी की थी, जबकि 12 वर्षीय बेटा प्रियम पांचवीं कक्षा का छात्र था।

परिवार ने जताई बड़ी साजिश की आशंका, छात्रों ने बनाई मानव श्रृंखला गणपति के बड़े भाई गोपी नाथ चक्रवर्ती और रिश्तेदार बिस्वनाथ चक्रवर्ती ने पुलिस की शुरुआती ‘नशे और टोकने’ वाली थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि गणपति की किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी, लेकिन मकान निर्माण के दौरान कुछ तत्वों द्वारा उन्हें परेशान किया गया था। परिजनों ने किसी बड़े गिरोह के शामिल होने की आशंका जताते हुए उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में रंगपुर जिला स्कूल के शिक्षकों और छात्रों ने सड़कों पर उतरकर मानव श्रृंखला बनाई और दोषियों को फांसी देने की मांग की।

 

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