
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश और थोक मंडियों में आवक की सुस्त रफ्तार ने हरी सब्जियों के साथ-साथ रसोई के सबसे अहम घटक प्याज के तेवर तीखे कर दिए हैं। प्रदेश के अधिकांश खुदरा बाजारों में प्याज के दामों में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है, जिससे आम उपभोक्ता और गृहणियों का मासिक बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है। हालांकि कुछ हरी सब्जियों की कीमतों में मामूली नरमी आई है, लेकिन दैनिक इस्तेमाल की जरूरी सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने थाली का स्वाद बिगाड़ रखा है।
खुदरा में ₹60 प्रति किलो तक पहुंचा प्याज, बफर स्टॉक जारी करने की तैयारी देशव्यापी स्तर पर प्याज के दाम बढ़ने का सीधा असर उत्तर प्रदेश के स्थानीय बाजारों पर पड़ा है। प्रदेश के कई शहरों में खुदरा स्तर पर प्याज ₹60 प्रति किलो या उससे भी अधिक दर पर बिक रहा है। आंकड़ों के अनुसार, जुलाई की तुलना में अगस्त के दौरान प्याज के औसत खुदरा दामों में लगभग 19 फीसदी की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। सप्लाई के प्रमुख केंद्र महाराष्ट्र की लासलगांव मंडी में आवक घटने से थोक भाव ₹4,250 प्रति क्विंटल के स्तर को पार कर गया। बाजार में बढ़ती मांग और कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने अपने आपातकालीन बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
गोरखपुर समेत पूर्वांचल की मंडियों में सब्जियों के दामों में भारी उतार-चढ़ाव स्थानीय मंडियों की बात करें तो गोरखपुर मंडी में 25 अगस्त को प्याज और आलू दोनों के थोक भाव करीब ₹1,500 प्रति क्विंटल दर्ज किए गए। हालांकि, थोक मंडी और आम उपभोक्ता तक पहुंचने वाले खुदरा बाजार के दामों में ढुलाई खर्च, गुणवत्ता और आढ़तियों के मुनाफे के चलते बड़ा फासला बना हुआ है। बारिश के चलते स्थानीय स्तर पर आवक प्रभावित होने से गोरखपुर और आसपास के जिलों में भिंडी और प्याज के दामों में तेजी बरकरार है, जबकि बैंगन और फूलगोभी जैसी कुछ मौसमी सब्जियों के भाव में हल्की गिरावट दर्ज की गई है।
आगे क्या रहेंगे दाम? जानिए कब तक मिलेगी महंगाई से राहत सब्जी कारोबारियों और बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में सब्जियों के दाम मौसम के रुख, परिवहन की स्थिति और नई फसलों की आवक पर निर्भर करेंगे। प्याज के संदर्भ में केंद्र सरकार के बफर स्टॉक से मंडियों में आपूर्ति बढ़ते ही कीमतों में नरमी आने की पूरी संभावना है। केंद्र का कहना है कि देश में मांग को पूरा करने के लिए प्याज का पर्याप्त भंडार मौजूद है और मूल्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को बहुत जल्द प्याज के आसमान छूते दामों से राहत मिल सकती है, हालांकि मानसूनी बारिश के कारण हरी सब्जियों की कीमतों में कुछ दिनों तक उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं।
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