Wednesday , 5 August 2026

लावारिस कुत्तों और छुट्टा मवेशियों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का सख्त रुख: UP सरकार से 2 हफ्ते में मांगा एक्शन प्लान, हाईवे पर हादसों को रोकने के दिए निर्देश

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में आवारा कुत्तों और छुट्टा मवेशियों के कारण बढ़ते हादसों और आम जनता की सुरक्षा को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने योगी सरकार को राज्यभर में इस समस्या से निपटने के लिए दो सप्ताह के भीतर एक व्यापक और प्रभावी ‘एक्शन प्लान’ तैयार करने का सख्त निर्देश दिया है, ताकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पूरी तरह अनुपालन कराया जा सके।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अनुपालन, 2 हफ्ते में मांगी संस्थागत क्षेत्रों की सूची

यह महत्वपूर्ण आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान याचिका में जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन के दौरान दिया। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दो सप्ताह के भीतर पूरे प्रदेश के संस्थागत (Institutional) क्षेत्रों की जिला और स्थानीय निकायवार पहचान कर सूची तैयार की जाए।

कोर्ट ने साफ किया कि सरकार केवल कागजी या औपचारिक कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि उन सभी सार्वजनिक स्थानों की व्यवस्थित पहचान करे जहां रोजाना भारी संख्या में लोगों का आवागमन होता है।

बस स्टेशन, स्टेशन, स्कूल और अस्पताल सूची में होंगे शामिल

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि तैयार की जाने वाली सूची में सरकारी और निजी शिक्षण संस्थान, अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन, खेल परिसर और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी जगह को महज उसके नाम के आधार पर नहीं, बल्कि उसके वास्तविक उपयोग, सार्वजनिक महत्व और वहां आने-जाने वाले लोगों की भीड़ को ध्यान में रखकर संस्थागत क्षेत्र घोषित किया जाए।

‘स्थायी समाधान निकाले सरकार’, NHAI और राज्य से मांगी रिपोर्ट

हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि छुट्टा पशुओं और लावारिस कुत्तों की समस्या सिर्फ नगर निकायों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों की सुरक्षा, सुगम यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बन चुकी है। ऐसे में राज्य सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह एक समन्वित रणनीति बनाकर इसका स्थायी समाधान सुनिश्चित करे।

इसके अलावा, हाईकोर्ट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और यूपी सरकार से राष्ट्रीय राजमार्गों (Highways) पर लावारिस पशुओं की पहचान करने, उन्हें सुरक्षित आश्रय स्थलों (गौशालाओं) तक पहुंचाने, उनके भोजन और इलाज की व्यवस्था को लेकर विस्तृत कार्ययोजना मांगी है। साथ ही, सार्वजनिक पार्कों और मैदानों में कुत्तों के उचित प्रबंधन के उपाय तलाशने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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